लखनऊ, 2 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों का आक्रोश गुरुवार को सड़कों पर फूट पड़ा। गोमतीनगर स्थित साइबर टॉवर के बाहर सुबह की शिफ्ट में काम करने वाले महिला और पुरुष कर्मचारी अचानक एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर गए।
प्रदर्शनकारी लोहिया पथ होते हुए आगे बढ़े। रास्ते में पुलिस ने कई बार उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन कर्मचारियों का हुजूम नहीं रुका। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए धीरे-धीरे पुलिस बल बढ़ाया गया। संगीत नाटक अकादमी के पास बैरिकेडिंग कर रास्ता रोका गया लेकिन जब कर्मचारी नहीं माने तो पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें सड़क किनारे हटाना शुरू कर दिया। कई कर्मचारियों को पकड़कर बसों में बैठाया गया। इससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया।

गिरफ्तारी के डर से कई महिला कर्मचारी रोती-बिलखती नजर आईं और खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागती रहीं। एक कर्मचारी ने भावुक होकर बताया कि हेल्पलाइन कार्यालय में प्रवेश से पहले मोबाइल फोन जमा करा लिए जाते हैं और काम के दौरान शोषण होता है।
कर्मचारियों का आरोप है कि भर्ती के समय उन्हें 15 हजार रुपये मासिक वेतन और हर छह महीने पर एक हजार रुपये की बढ़ोतरी का आश्वासन दिया गया था लेकिन वास्तव में केवल 7 से 8 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं दो-दो महीने की सैलरी भी रोकी जा रही है।
करीब 200 से अधिक कर्मचारी 1076 हाय-हाय के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। प्रदर्शन के कारण लोहिया पथ और समतामूलक चौराहे के आसपास लंबा जाम लग गया। इससे आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद पुलिस और कंपनी के अधिकारियों ने कर्मचारियों को शांत कराया। प्रशासन ने पांच कर्मचारियों को मुख्यमंत्री से मिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद बाकी कर्मचारियों को वापस उनके कार्यस्थल भेज दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।






