लखनऊ, 2 अप्रैल 2026:
बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों को योगी सरकार ने लखीमपुर खीरी जिले की विभिन्न तहसीलों में बसाकर उन्हें नई जिंदगी का आधार दिया है। वर्षों पहले किए गए इस पुनर्वास के बाद अब ये परिवार स्थायी रूप से यहां बस चुके हैं। खेती के जरिए अपनी आजीविका चला रहे हैं।
जिले की धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 97 परिवार, मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रन्ट में 41 और मियांपुर गांव में सर्वाधिक 156 परिवारों को बसाया गया है। इसके अलावा गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3 में 37 परिवारों को पुनर्वासित किया गया है। इन परिवारों को बसाने के साथ ही सरकार ने खेती योग्य जमीन का आवंटन भी सुनिश्चित किया, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
भूमि आवंटन की बात करें तो गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3 में बसे परिवारों को प्रति परिवार औसतन 3 एकड़ जमीन दी गई है। सुजानपुर गांव में 60 परिवारों को लगभग 1.620 हेक्टेयर और 37 परिवारों को करीब 0.607 हेक्टेयर भूमि मिली है। वहीं मोहम्मदी के मोहनपुर ग्रन्ट में 15 परिवारों को 3 एकड़, 9 को 7 एकड़ और 17 परिवारों को 5 एकड़ कृषि भूमि का पट्टा प्रदान किया गया है। मियांपुर गांव में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार लगभग 4.75 एकड़ जमीन देकर उन्हें खेती के लिए सक्षम बनाया गया है।
प्रशासन के अनुसार, इन परिवारों को केवल जमीन ही नहीं, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का भी लाभ दिया जा रहा है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, विधवा एवं वृद्धावस्था पेंशन, सुकन्या समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शामिल हैं।
इसके साथ ही राशन वितरण, टीकाकरण, मनरेगा, मिड-डे मील, समग्र शिक्षा योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास के इस मॉडल ने विस्थापित परिवारों को स्थायित्व देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान किया है।






