Uttar Pradesh

सीएम ने समीक्षा बैठक में परखी पुलिसिंग, कहा… यूपी पुलिस में होंगीं 81 हजार से ज्यादा भर्तियां

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयसीमा पर खास जोर, अलग-अलग पदों पर जल्द शुरू होंगी चयन प्रक्रियाएं, पीआरवी रिस्पांस टाइम घटाने, साइबर क्राइम पर सख्ती और फायर सर्विस को आधुनिक बनाने के निर्देश

लखनऊ, 3 अप्रैल 2026:

राजधानी स्थित सरकारी आवास पर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि आने वाला वित्तीय वर्ष यूपी पुलिस में भर्ती के लिहाज से अहम रहने वाला है। करीब 81 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की तैयारी चल रही है, जिसमें कई श्रेणियों के पद शामिल हैं।

बैठक में बताया गया कि उपनिरीक्षक, सिविल पुलिस के सिपाही, रेडियो ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और गोपनीय शाखा के पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। कुछ भर्तियों की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। भर्ती बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि पूरी प्रक्रिया मेरिट और आरक्षण के नियमों के मुताबिक, साफ-सुथरे तरीके से तय समय में पूरी की जाए।

कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसिंग को और असरदार बनाने के लिए संसाधन, ट्रेनिंग और मॉनिटरिंग तीनों पर बराबर ध्यान देना होगा।

पीआरवी 112 की समीक्षा में सामने आया कि औसत रिस्पांस टाइम करीब 6 मिनट है। इसे और कम करने के लिए लोकेशन प्लानिंग, लगातार पेट्रोलिंग और डेटा आधारित रणनीति पर काम करने को कहा गया। जरूरत के हिसाब से गाड़ियों की संख्या बढ़ाने और हर 15 दिन में रूट प्लान अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।

लखनऊ में लंबे समय से एक ही जगह तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले पर भी बात हुई। राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय जैसे अहम स्थानों पर तैनाती में बदलाव कर नई ऊर्जा लाने की बात कही गई।

CM Yogi Review Meeting UP Police Recruitment Updates (1)

फायर सर्विस को लेकर भी बड़े फैसले हुए। हर जिले में कम से कम एक हाइड्रोलिक फायर टेंडर अनिवार्य करने और हर तहसील तक फायर सर्विस पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। पिछले साल करीब 42 हजार आग की घटनाओं पर काबू पाने और हजारों आपात मामलों में कार्रवाई की जानकारी भी दी गई।

साइबर क्राइम पर बैठक में खास फोकस रहा। पिछले एक साल में करीब 425.7 करोड़ रुपये की ठगी रोकी गई। हेल्पलाइन 1930 पर कॉल की संख्या तेजी से बढ़ी है और बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण हुआ है। साइबर जागरूकता अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए।

जेलों में पेशी के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम मजबूत करने को कहा गया, ताकि सुरक्षा बनी रहे और प्रक्रिया आसान हो। वहीं, पुलिस रेडियो में ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने का काम तेजी से चल रहा है और ज्यादातर जिलों में डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। ट्रेनिंग पर भी जोर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है और आने वाले समय में और व्यापक ट्रेनिंग प्लान तैयार है। संवाद कौशल और व्यवहारिक ट्रेनिंग को प्राथमिकता दी जा रही है।

नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 7500 स्वयंसेवकों की ट्रेनिंग तेज करने के निर्देश दिए गए। रेलवे पुलिस के कामकाज की भी समीक्षा हुई, जिसमें ट्रैक सुरक्षा और मानव तस्करी रोकने के प्रयासों की जानकारी दी गई। ऑपरेशन मुस्कान के तहत हजारों बच्चों को उनके परिवार से मिलाया गया।

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