लखनऊ, 3 अप्रैल 2026:
प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ चल रहे अभियान में बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई है। अब तक 233 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 237 लोगों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
बता दें कि सरकार के निर्देश पर 12 मार्च से पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य एवं रसद विभाग के मुताबिक इस दौरान 19,882 जगहों पर जांच और छापेमारी की गई। एलपीजी वितरकों से जुड़े 33 मामले सामने आए, जबकि गैस की कालाबाजारी में शामिल अन्य लोगों पर 200 मुकदमे दर्ज हुए हैं।
अधिकारियों को साफ कहा गया था कि सप्लाई सिस्टम प्रभावित न हो, लेकिन कालाबाजारी पर बिल्कुल ढील न दी जाए। इसी के तहत जिलों में टीमें बनाकर लगातार निगरानी कराई जा रही है। विभाग का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। 12,888 पेट्रोल पंपों से रोजाना सप्लाई जारी है। 28 मार्च से 1 अप्रैल तक बिक्री भी सामान्य रही। फिलहाल करीब 97 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 1.26 लाख किलोलीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है।
एलपीजी को लेकर भी सख्ती बढ़ाई गई है। 4,107 वितरकों को निर्देश दिए गए हैं कि सप्लाई में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। हालात पर नजर रखने के लिए राज्य स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम चालू है और जिला प्रशासन को फील्ड में लगातार सक्रिय रहने को कहा गया है।






