अंबेडकरनगर, 4 अप्रैल 2026:
इजराइल के संघर्षग्रस्त नेटान्या शहर में फंसे उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर निवासी अखिलेश कुमार को एक सुव्यवस्थित और त्वरित अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सकुशल भारत वापस लाया गया है। यह पूरा अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मानवीय दृष्टिकोण, जिला प्रशासन की सक्रियता और केंद्र सरकार के प्रभावी समन्वय का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।
अखिलेश कुमार रोजगार के सिलसिले में इजराइल गए थे। वहां युद्ध जैसी परिस्थितियों और नियोक्ता के असहयोग के कारण वे गंभीर मानसिक तनाव में आ गए। हालात इतने बिगड़ गए कि वे स्वयं स्वदेश लौटने में असमर्थ हो गए। इसी बीच उनकी पत्नी किरण देवी ने 25 मार्च को जनता दर्शन में पहुंचकर डीएम अनुपम शुक्ला से भावुक अपील की।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तत्काल शासन को अवगत कराया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को अखिलेश की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद 28 मार्च को इजराइल स्थित भारतीय दूतावास को औपचारिक पत्र भेजा गया। विदेश मंत्रालय ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए इजराइल और जॉर्डन में भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित किया।
इजराइल में हवाई सेवाएं बाधित होने के कारण वैकल्पिक रणनीति अपनाई गई। एक अप्रैल को जॉर्डन का वीजा और एयर टिकट की व्यवस्था की गई। 2 अप्रैल को अखिलेश को विशेष वाहन से तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास पहुंचाया गया जहां से उन्हें सड़क मार्ग से जॉर्डन सीमा तक सुरक्षित पहुंचाया गया। इसके बाद अम्मान पहुंचकर उन्होंने रॉयल जॉर्डनियन फ्लाइट से मुंबई के लिए उड़ान भरी और 3 अप्रैल की सुबह भारत पहुंचे।
मुंबई में आवश्यक औपचारिकताओं के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट से वे लखनऊ पहुंचे और परिजनों से मिलकर भावुक हो उठे। इसके बाद उन्हें उनके गांव हाजपुरा, तहसील जलालपुर तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया। शनिवार को अखिलेश कुमार अपनी पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था लेकिन सरकार और प्रशासन के प्रयासों से वे आज सुरक्षित अपने परिवार के बीच हैं।






