कानपुर/लखनऊ, 4 अप्रैल 2026:
यूपी को देश का अग्रणी फार्मास्यूटिकल विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (जेएनपीए) के बीच हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) से ललितपुर फार्मा पार्क को वैश्विक निर्यात हब के रूप में विकसित करने की राह और मजबूत हो गई है।
यह एमओयू यूपीसीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय किरण आनंद और जेएनपीए के अध्यक्ष गौरव दयाल के बीच संपन्न हुआ। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से तेज, सुरक्षित और किफायती तरीके से जोड़ना है।
समझौते के तहत ललितपुर फार्मा पार्क को दादरी-खुर्जा रेल लिंक के माध्यम से पश्चिमी और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC और EDFC) से जोड़ा जाएगा। यह कनेक्टिविटी औषधीय उत्पादों के परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी और उन्हें सीधे देश के सबसे बड़े कंटेनर बंदरगाह जेएनपीए तक पहुंचाने में मदद करेगी, जो 200 से अधिक वैश्विक पोर्ट्स से जुड़ा हुआ है।
यूपीसीडा के सीईओ विजय किरण आनंद ने बताया कि ललितपुर फार्मा पार्क सीएम योगी के उस विजन का हिस्सा है जिसके तहत प्रदेश को फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में अग्रणी बनाना है। इस समझौते से निवेशकों को विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स सुविधाएं मिलेंगी। इससे उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
एमओयू के तहत फार्मा इकाइयों को कच्चे माल के आयात और तैयार उत्पादों के निर्यात के लिए बेहतर लॉजिस्टिक्स सपोर्ट मिलेगा। इसके साथ ही तकनीकी और परिचालन सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा। इससे उद्योग, लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।
यह पहल राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने के साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को भी मजबूती प्रदान करेगी। ललितपुर फार्मा पार्क की रणनीतिक स्थिति और आधुनिक कनेक्टिविटी नेटवर्क इसे निर्यात-उन्मुख विनिर्माण के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार यह साझेदारी रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और उत्तर प्रदेश को फार्मा निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
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