लखनऊ, 8 अप्रैल 2026:
आलू की गिरती कीमतों से परेशान किसानों ने अब अपनी आवाज को प्रदेश की राजधानी तक पहुंचा दिया है। फर्रुखाबाद की सातनपुर मंडी से निकली ‘आलू किसान बचाओ यात्रा’ लखनऊ पहुंची और किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जनभवन (राजभवन) में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं।
फर्रुखाबाद के आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड के निदेशक अशोक कटियार के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि इस समय प्रदेश के 2207 कोल्ड स्टोर में लगभग 195 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है। इसके बावजूद बाजार में आलू के दाम बेहद कम हैं जिससे किसानों को अपनी लागत तक निकालना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने इसे गंभीर संकट बताते हुए तत्काल राहत की मांग की।

किसानों की प्रमुख मांगों में आलू विकास बोर्ड की स्थापना, आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित कर सरकारी खरीद सुनिश्चित करना और राशन दुकानों के माध्यम से प्रति राशन कार्ड 25 किलो आलू वितरण शामिल है। इसके अलावा उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों के मिड डे मील में आलू को शामिल करने और कोल्ड स्टोर में रखे आलू को सरकारी राशन प्रणाली से खपाने का सुझाव भी दिया।
अशोक कटियार ने कहा कि आलू पर मंडी टैक्स समाप्त किया जाए और किसानों को भंडारण शुल्क पर अनुदान दिया जाए। उन्होंने चिपसोना, हालैंड, 37-97 एवं श्रीनाथ जैसी उच्च गुणवत्ता वाली बीज किस्मों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। किसानों ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए फर्रुखाबाद, आगरा, कानपुर, कन्नौज और मेरठ जैसे जिलों में फाइटो-जिनेट्री लैब स्थापित करने की आवश्यकता बताई, जिससे नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों में आलू निर्यात आसान हो सके।
इसके साथ ही आलू आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। किसानों ने फर्रुखाबाद, आगरा, सिरसागंज, कन्नौज, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मथुरा, हाथरस और बुलंदशहर में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की मांग की। कानपुर के अरौल में प्रस्तावित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पार्क पोटैटो’ की स्थापना को जल्द पूरा करने की भी मांग रखी गई।

पर्यावरण और अतिरिक्त आय के मद्देनजर किसानों ने कोल्ड स्टोर परिसर में नेडप कम्पोस्ट यूनिट लगाने का सुझाव दिया जिससे सड़े-गले आलू से जैविक खाद तैयार हो सके। साथ ही कुछ शीतगृहों में आलू से चिप्स, पाउडर, स्टार्च और अन्य उत्पाद बनाने के कारखाने स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया गया।
किसानों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ठोस कदम उठाएगी। इस दौरान अजय अनमोल, सुधीर शुक्ला, अंशुल कटियार, अरविंद राजपूत, राजीव यादव, संतोष कुमार, आकाश कटियार, नितिन कुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।






