राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 9 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड सरकार इस वर्ष चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए बड़े स्तर पर तकनीकी बदलाव कर रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर केदारनाथ हेली शटल सेवा को पूरी तरह हाईटेक बनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवाएं भी शुरू हो जाएंगी।
उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) के अनुसार इस बार सभी हेलीकॉप्टरों में लाइव ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य कर दिया गया है। इससे किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर की सटीक लोकेशन तुरंत मिल सकेगी और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आएगी।

यात्रा मार्ग पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए हेलीपैड्स पर तीन मुख्य VHF सिस्टम के साथ तीन बैकअप सिस्टम भी लगाए गए हैं। इसके अलावा 18 PTZ (पेन-टिल्ट-जूम) कैमरों से पूरे रूट की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। इनमें से 12 पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं।
मौसम की सटीक जानकारी के लिए सहस्त्रधारा, केदारनाथ और बद्रीनाथ सहित प्रमुख स्थानों पर ऑटोमेटिक वेदर ऑब्जर्विंग सिस्टम (AWOS) और सेलोमीटर लगाए जा रहे हैं। वहीं, केदारनाथ, बद्रीनाथ, सहस्त्रधारा और सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) केंद्र भी संचालित होंगे।
डीजीसीए, भारत मौसम विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी की संयुक्त निगरानी में पूरी व्यवस्था अलर्ट मोड पर रहेगी। यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान के अनुसार इन व्यवस्थाओं से भीड़ प्रबंधन और यात्री सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा।
सरकार की यह पहल विशेष रूप से बुजुर्गों और कम समय वाले श्रद्धालुओं के लिए राहतकारी साबित होगी। प्रशासन ने यात्रियों से कहा कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल से पंजीकरण कराएं और यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।






