योगेंद्र मलिक
देहरादून, 9 अप्रैल 2026:
खटीमा के खेतलसंडा में गुरुवार को पूर्व सैनिकों के लिए अहम सुविधाओं की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैनिक सम्मान समारोह में हिस्सा लेकर सीएसडी कैंटीन और सैनिक मिलन केंद्र का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन की ओर से सीएम के पिता व सूबेदार स्व. शेर सिंह धामी की पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया था।
इस मौके पर 715.51 लाख रुपये की लागत से बनी सीएसडी कैंटीन और 162.26 लाख रुपये से तैयार सैनिक मिलन केंद्र को आम उपयोग के लिए खोल दिया गया। इन दोनों सुविधाओं के शुरू होने से खटीमा और आसपास के इलाकों में रहने वाले पूर्व सैनिकों को अब जरूरी सामान और बैठने-समझने के लिए बेहतर जगह मिल सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने पिता के चित्र पर श्रद्धांजलि दी और शहीदों को याद किया। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह दिन उनके लिए निजी तौर पर बेहद भावुक है। उन्होंने अपने पिता के जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह अनुशासन, जिम्मेदारी और देश सेवा की भावना उन्हें घर से मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी सिर्फ कपड़ा नहीं होती, वह उसकी पहचान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने सेना में लंबे समय तक सेवा दी और कई बड़े सैन्य अभियानों का हिस्सा रहे। बचपन में सुनी गई उन कहानियों ने उन्हें देश के प्रति समर्पण का भाव सिखाया।
इस दौरान 60 वीर नारियों और 80 पूर्व सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति सम्मान जताया।
सरकार की योजनाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कई कदम उठाए गए हैं। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाई गई है। आश्रितों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिकों के लिए आर्थिक मदद में भी इजाफा किया गया है।

परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली राशि अब 50 लाख से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दी गई है। उन्होंने बताया कि देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देगा। साथ ही शहीदों के आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी के आवेदन की समय सीमा 2 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है।
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा सैनिकों का सम्मान करना हमारे लिए गर्व की बात है। राज्य सरकार सैनिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रम तेजी से चला रही है और भविष्य में भी इस पर जोर रहेगा। कार्यक्रम में कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मां विशना देवी व धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी भी मौजूद थे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा व राम सिंह कैड़ा, अन्य जनप्रतिनिधि व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।






