लखनऊ, 10 अप्रैल 2026
प्रदेश सरकार ने किसान रजिस्ट्री को पूरी तरह से लागू करने के लिए मिशन मोड में काम शुरू कर दिया है। 30 अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम चल रहा है।
योजना के तहत 15 अप्रैल तक हर ग्राम पंचायत में रजिस्ट्रेशन कैंप लगाए जाएंगे, ताकि किसान मौके पर ही अपना पंजीकरण करा सकें। जिलों को यह भी कहा गया है कि जिन गांवों में रजिस्ट्रेशन कम हुआ है, वहां विशेष अभियान चलाकर 30 अप्रैल तक पूरा लक्ष्य हासिल किया जाए। सभी भूमि धारक किसानों को इस दायरे में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं, चाहे वे पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े हों या नहीं।
प्रशासन को साफ निर्देश हैं कि कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से छूट न जाए। इसके लिए गांव स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और टीमों को सक्रिय किया गया है।
अभियान को सफल बनाने के लिए जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत अखबारों में प्रचार, लाउडस्पीकर से घोषणाएं और स्थानीय स्तर पर सूचना अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों को भी इसमें जोड़ा गया है ताकि जानकारी हर किसान तक पहुंच सके। सरकार ने यह भी तय किया है कि 15 मई 2026 से उर्वरक, बीज और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी जरूरी होगी। इसी वजह से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को समय पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था आगे चलकर किसानों का एकीकृत डाटा तैयार करेगी, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन और नीति निर्धारण में आसानी होगी।
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