लखीमपुर खीरी, 11 अप्रैल 2026:
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी के चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हजारों परिवारों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने नदियों से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भूमि के अधिकार पत्र (पट्टे) सौंपे।
इस मौके पर पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ क्षेत्रों में 817 करोड़ रुपये की लागत से 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम में थारू जनजाति के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने समां बांध दिया, जिसकी मुख्यमंत्री ने खुलकर सराहना की।
सीएम योगी ने कहा कि यह कार्यक्रम अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि दशकों से जिन परिवारों को जमीन का हक नहीं मिला आज उन्हें अधिकार पत्र देकर न्याय किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर और 2350 अन्य परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का मालिकाना हक दिया गया है। उन्होंने कहा कि 1955 और 1976 में किए गए वादे अधूरे रह गए थे, जिन्हें अब पूरा किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सीएम ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि संवेदनहीन शासन के कारण थारू समाज और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को दशकों तक अधिकार से वंचित रहना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों ने माफिया को संरक्षण दिया और समाज को बांटने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में माफिया पालने वाली पेशेवर अपराधियों की सरकार महाराणा प्रताप व महाराणा सांगा के वंशजों पर अत्याचार और झूठे मुकदमे दर्ज करती थी। संघर्ष करने वाले थारू समाज के लोगों पर सपा सरकार ने मुकदमे दर्ज किए थे। हमारी सरकार उन सारे मुकदमों को वापस लेगी। अब आप पर कोई अत्याचार नहीं कर पाएगा क्योंकि डबल इंजन सरकार साथ खड़ी है और आपके संघर्ष को सम्मान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि प्रदेश में माफिया बनने की कोशिश करने वालों को मिट्टी में मिलने के लिए तैयार रहना होगा। सरकार गरीबों का हक छीनने और युवाओं की नौकरी पर डकैती नहीं डालने देगी। उन्होंने थारू समाज के उत्थान की दिशा में सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब उन्हें लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बनाया जाएगा। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी को इसका उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि अब उनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि प्रदेश में हर ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत जहां जिसका घर, वहां उसका अधिकार सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मजबूती देने के लिए रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इनवेस्टमेंट फंड भी उपलब्ध कराया गया है।
किसानों की समस्याओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना और आपदा राहत कोष से सहायता दी जाएगी। जनहानि और पशुहानि पर 24 घंटे के भीतर मदद देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
कार्यक्रम में आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, विधायक हरविंदर साहनी ‘रोमी’, शशांक वर्मा, मंजू त्यागी, अमन गिरि समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।






