डेट फाइनल, 44 साल पुराना संजय सेतु होगा बंद… 15 अप्रैल से पीपा पुल से गुजरेगा ट्रैफिक
लखनऊ-बहराइच-गोंडा मार्ग स्थित इस पुल पर दो माह तक चलेगा मरम्मत कार्य, भारी वाहनों के लिए डायवर्जन लागू रहेगा, साइकिल, बाइक, कार जीप व एम्बुलेंस को मिलेगी अनुमति
बाराबंकी, 13 अप्रैल 2026:
सरयू नदी पर बने 44 साल पुराने संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद करने की डेट फाइनल हो गई है। पुल की जर्जर हालत को देखते हुए प्रशासन ने 16 अप्रैल से इसे दो माह के लिए पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है। इस दौरान आवागमन बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पीपा पुल तैयार किया गया है, जिस पर 15 अप्रैल से सीमित वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग-927 पर स्थित यह पुल लंबे समय से तकनीकी खामियों से जूझ रहा है। आए दिन खराबी सामने आने से इसकी स्थिति गंभीर हो गई थी। यह मार्ग देवीपाटन मंडल के बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा और बलरामपुर जिलों के साथ नेपाल को राजधानी लखनऊ से जोड़ता है, जिस पर रोजाना हजारों वाहनों का दबाव रहता है।

लोक निर्माण विभाग के अनुसार पुल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। पुल के नीचे मजदूरों और प्रेशर मशीनों की मदद से बेयरिंग बदलने का काम चल रहा है। 16 अप्रैल से मुख्य पुल पर यातायात पूरी तरह रोक दिए जाने के बाद काम और तेज किया जाएगा।
पीपा पुल का निर्माण अंतिम चरण में है और 15 अप्रैल से इस पर हल्के वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियर अनंत मौर्य के मुताबिक मरम्मत कार्य को तय समय में पूरा करने की योजना है।
डायवर्जन व्यवस्था के तहत 16 अप्रैल से भारी वाहनों का संजय सेतु पर प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं स्थानीय और हल्के वाहन पीपा पुल से गुजर सकेंगे। पीपा पुल पर साइकिल, बाइक, कार, जीप और एम्बुलेंस को ही अनुमति दी गई है।






