Barabanki City

बाराबंकी : महिला ने साइबर फ्रॉड को बेच दिया बैंक खाता… रिश्तेदार कर रहा था लेनदेन

पश्चिम बंगाल के पीड़ित की शिकायत पर खुलासा, एसबीआई की मेन ब्रांच का मामला, खाता बेचने पर महिला व रिश्तेदार फंसे, छह माह में हुआ लाखों का लेनदेन, साइबर थाना में एफआईआर दर्ज

बाराबंकी, 23 जनवरी 2026:

जिला मुख्यालय स्थित एसबीआई की मेन ब्रांच में महिला के म्यूल अकाउंट के जरिए ऑनलाइन ठगी की गई। खाते में साइबर ठगों द्वारा फ्रॉड की रकम जमा कराई गई थी। जांच में खुलासा होने के बाद खाताधारक महिला व एक युवक पर एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस मुख्यालय साइबर क्राइम लखनऊ से मिल (NCRP-14C) म्यूल अकाउंट्स की सूची की जांच के दौरान यह मामला उजागर हुआ। जांच में पाया गया कि खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मुख्य शाखा बाराबंकी में रामदुलारी निवासी ग्राम मोहना सेठमऊ, थाना सतरिख के नाम पर है। इस खाते में पश्चिम बंगाल के बिधाननगर निवासी सैबल गुप्ता के साथ 4 जुलाई 2024 को हुई 1,09,813 रुपये की ऑनलाइन ठगी की रकम जमा कराई गई थी, जिसकी शिकायत NCRP पर पहले से दर्ज थी।

Cyber Fraud Finance Officer Duped of ₹34 Lakh Online

पूछताछ में खाता धारक रामदुलारी ने बताया कि उन्होंने लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और पासबुक अपने रिश्तेदार विपिन निवासी कोठी बाराबंकी को दे दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त खाते में 14 फरवरी 2024 से 9 जुलाई 2024 के बीच कुल 3,15,768 रुपये की धनराशि का साइबर लेन-देन हुआ।

पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रामदुलारी और विपिन द्वारा म्यूल अकाउंट का उपयोग कर साइबर अपराध को अंजाम दिया गया। मामले को गंभीर मानते हुए अब विवेचक एसआई इफलाख अहमद ने साइबर थाना बाराबंकी में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

क्या हैं म्यूल (संदिग्ध) अकाउंट

म्यूल वह बैंक खाते होते हैं, जिनका उपयोग साइबर अपराधी ठगी की रकम रखने और निकालने के लिए करते हैं। इन खातों को अक्सर जरूरतमंद लोगों को कमीशन का लालच देकर खोला जाता है अथवा उनको झांसे में लेकर किसी सरकारी योजना का लालच देकर दस्तावेज लेकर खुलवाए गए खाते होते हैं। स्वयं साइबर फ्राड इसे ऑपरेट करता है।

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