एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 17 अप्रैल 2026:
मोहनलालगंज क्षेत्र के निगोहां इलाके में गेहूं की पकी फसल इन दिनों किसानों के लिए राहत नहीं बल्कि चिंता का कारण बनी हुई है। खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों से उठने वाली जरा सी चिंगारी पूरे खेत को कुछ ही मिनटों में राख कर सकती है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि इलाके में फायर स्टेशन की कोई सुविधा नहीं है। आग लगने की स्थिति में दमकल की गाड़ियां 35 किलोमीटर दूर पीजीआई क्षेत्र से बुलानी पड़ती हैं। इतनी दूरी तय करने में ही काफी समय लग जाता है और तब तक आग खेतों को पूरी तरह चपेट में ले चुकी होती है।
बीते वर्षों में निगोहां और आसपास के गांवों में अग्निकांड की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हर बार किसानों को अपनी आंखों के सामने फसल जलते देखने की मजबूरी रही है। समय पर मदद न मिलने से नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। अभी गुरुवार को ही नगराम क्षेत्र के समेसी मजरा महुली गांव में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी गेहूं की खड़ी फसल में गिरी और तेज हवा के साथ आग फैलती चली गई। ग्रामीणों व पुलिसकर्मियों ने हिम्मत दिखाते हुए पानी, पेड़ों की टहनियों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से लपटों को फैलने से रोका।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर निगोहां में फायर स्टेशन बन जाए तो नगराम, समेसी, सिसेंडी सहित कई गांव सीधे तौर पर सुरक्षित हो जाएंगे। 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में दमकल पहुंचने से आग पर जल्दी काबू पाया जा सकेगा और बड़ा नुकसान रोका जा सकेगा।
भारतीय किसान क्रांति यूनियन के अध्यक्ष ऋषि मिश्रा ने कहा कि दूरी ज्यादा होने से दमकल के पहुंचने तक सब खत्म हो जाता है। उन्होंने मांग की कि जब तक फसल की कटाई पूरी नहीं होती तब तक निगोहां, नगराम थाना और आसपास की चौकियों पर एक दमकल गाड़ी तैनात की जाए।
क्षेत्रीय विधायक अमरेश कुमार रावत ने बताया कि मोहनलालगंज क्षेत्र में फायर स्टेशन के लिए दो जगहों की मांग की गई थी। इनमें से गोसाईगंज में निर्माण हो चुका है जबकि मोहनलालगंज के गनियर मार्ग पर प्रस्तावित फायर स्टेशन के लिए जमीन का सीमांकन पूरा हो चुका है और निर्माण जल्द शुरू होने की बात कही गई है।






