योगेंद्र मलिक
देहरादून, 17 अप्रैल 2026:
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद उत्तराखंड सरकार ने मदरसों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। वीडियो में बाहरी राज्यों से बच्चों को प्रदेश के मदरसों में लाए जाने के संकेत सामने आने के बाद शासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल के जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में वेरिफिकेशन ड्राइव चलाने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि बच्चों का मूल स्थान क्या है, उन्हें मदरसों तक कौन लेकर आया, अभिभावकों की सहमति है या नहीं। इसके साथ ही किसी तरह की अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं, जिनमें यह सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी बीच राज्य सरकार की ओर से लागू की गई नई व्यवस्था भी चर्चा में है। इसके तहत 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बाद सभी मदरसों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होना होगा, साथ ही उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेना अनिवार्य रहेगा।






