लखनऊ, 19 अप्रैल 2026:
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिल के पारित न हो पाने के बाद देश की सियासत गरमा गई है। इसी मुद्दे पर रविवार को लखनऊ स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला।
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष के रवैये की तुलना महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग से करते हुए कहा कि विपक्ष का आचरण भरी सभा में द्रौपदी के चीरहरण जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन महिलाओं को सम्मान और अधिकार मिलने के खिलाफ है। योगी ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग पूरी तरह संविधान विरोधी है। यह बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का अपमान है।
सीएम योगी ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए शाहबानो प्रकरण और तीन तलाक कानून का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 से 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का ऐतिहासिक प्रयास किया गया लेकिन कांग्रेस, सपा, तृणमूल, राजद और डीएमके जैसे दल इसमें बाधा बन गए। उन्होंने स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर सपा को आत्ममंथन की सलाह दी।

वहीं, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन ने सिर्फ बिल को नहीं गिराया बल्कि आधी आबादी के दिल को तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल कुत्सित मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं और संसद में बिल गिरने पर ताली बजा रहे थे।
अन्नपूर्णा देवी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही, तब अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़ी रिपोर्टों को क्यों दबाया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए। भाजपा नेताओं ने कहा कि नारी शक्ति इस अपमान का जवाब देगी। विपक्ष को इसके लिए जनता के बीच जवाब देना होगा।
इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, निषाद पार्टी के अध्यक्ष एवं मंत्री संजय निषाद, सुभासपा अध्यक्ष एवं मंत्री ओपी राजभर, रालोद कोटे के मंत्री अनिल कुमार, अपना दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष आरपी गौतम, महिला मोर्चा अध्यक्ष सांसद गीता शाक्य, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जयदेवी कौशल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह चौहान, महामंत्री प्रियंका सिंह रावत सहित एनडीए के कई नेता मौजूद रहे।






