लखनऊ, 21 अप्रैल 2026:
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद सियासत तेज हो गई है। मंगलवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा में भाजपा ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। इस पदयात्रा में सीएम योगी के साथ प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक, मंत्री ओमप्रकाश राजभर तथा राज्यसभा सांसद अरुण सिंह समेत कई नेता शामिल हुए।
भाजपा नेताओं ने एक सुर में आरोप लगाया कि 17 अप्रैल को संसद में पारित होने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के विरोध के कारण गिर गया। नेताओं ने कहा कि विपक्ष ने न सिर्फ बिल का विरोध किया बल्कि मतदान में गिरने के बाद तालियां बजाकर खुशी भी जताई। यह महिलाओं के अधिकारों का अपमान है।
केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इंडी एलायंस अब एंटी-वुमेन एलायंस बन चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा की पहचान नारी सम्मान और सशक्तीकरण है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने के लिए यह बिल लाया गया था जिससे लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के चलते उन्होंने महिलाओं के व्यापक हितों को नुकसान पहुंचाया।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2027 का चुनाव महिलाओं की ताकत तय करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं के बिना कोई चुनाव जीत सकता है क्या? और दावा किया कि सपा-कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि महिला आरक्षण के संकल्प को लेकर जनता के बीच जाएं।
वहीं, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं सड़कों पर उतर चुकी हैं और विपक्ष की संकीर्ण मानसिकता के खिलाफ आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने सपा सरकारों पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी हमला बोला और महिलाओं की सुरक्षा को मुद्दा बनाया।
राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने कहा कि 17 अप्रैल का दिन महिलाओं के लिए ऐतिहासिक बन सकता था लेकिन विपक्ष के रुख ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि देशभर में इसको लेकर आक्रोश है और यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इस पदयात्रा में शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने संकेत दिया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम अब बड़ा चुनावी मुद्दा बनेगा। 2027 के चुनाव में इसे लेकर जनता के बीच निर्णायक संदेश दिया जाएगा।






