लखनऊ, 21 अप्रैल 2026:
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक के गिरने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इसी क्रम में मंगलवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके समेत इंडी गठबंधन के दलों पर महिला विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है लेकिन विपक्ष ने इसे बाधित कर अपना अलोकतांत्रिक और महिला विरोधी चेहरा उजागर कर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विपक्ष को अपनी छवि सुधारने का अवसर दिया था लेकिन उन्होंने इसका दुरुपयोग कर महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया।
सीएम योगी ने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में देशभर की महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जता रही हैं। लखनऊ की भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी को उन्होंने पीएम मोदी की नीतियों के प्रति जनसमर्थन और आशीर्वाद का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला, गरीब, युवा और किसान को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई हैं। इनका व्यापक असर देश में दिखाई दे रहा है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन जहां नारी गरिमा की रक्षा का माध्यम बना, वहीं उज्ज्वला योजना ने महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान को मजबूती दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और आवास योजना जैसी पहलें इस दिशा में कारगर साबित हो रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्ष 2029 तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। योगी ने पदयात्रा में शामिल महिलाओं का आभार जताते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।






