लखनऊ, 18 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन का रुख लगातार सख्त होता जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के बाद अब नगर निगम ने भी अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सरोजनीनगर क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया।
नगर निगम की टीम ने औरंगाबाद जागीर इलाके में उन जमीनों पर बुलडोजर चलाया जिन पर प्रॉपर्टी डीलरों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। जांच में सामने आया कि चार-पांच खसरा नंबरों की यह जमीन राजस्व अभिलेखों में रास्ता और बंजर के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद यहां बाउंड्रीवाल, टीनशेड और अस्थायी दुकानें बनाकर प्लॉटिंग की जा रही थी। जमीन को कॉमर्शियल रेट पर बेचने की तैयारी थी।

अभियान के दौरान करीब 0.557 हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब साढ़े सात करोड़ रुपये बताई जा रही है। नगर निगम की टीम ने सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।
इसके अलावा सरोजनीनगर के अशरफनगर गांव में भी कार्रवाई की गई। यहां 0.253 हेक्टेयर जमीन रास्ते के रूप में दर्ज है लेकिन करीब 500 वर्ग मीटर हिस्से पर प्रॉपर्टी डीलरों ने बाउंड्रीवाल खड़ी कर प्लॉटिंग की जा रही थी। नगर निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से इस अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया। इस जमीन की कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर नगर निगम के तहसीलदार की टीम द्वारा की गई। अभियान के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध करने की कोशिश की लेकिन मौके पर मौजूद फोर्स और प्रशासनिक टीम ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।






