लखनऊ, 18 अप्रैल 2026:
यूपी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। शासन के निर्देशों के बाद प्रदेशभर में बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। इसके तहत 12 मार्च से अब तक 29,607 छापे और निरीक्षण किए गए हैं। इस दौरान एलपीजी वितरण से जुड़े 39 मामलों सहित 220 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं। 22 लोगों को मौके से गिरफ्तार करने के साथ 261 के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं को लगातार ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। 12 से 16 अप्रैल के बीच प्रतिदिन हजारों किलोलीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री हुई। इस समय प्रदेश में करीब 82,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.05 लाख किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई गई है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार रिफिल सिलेंडर की नियमित डिलीवरी की जा रही है। कामर्शियल एलपीजी के लिए होटल, ढाबों, उद्योगों और सामुदायिक रसोई को प्राथमिकता के आधार पर आवंटन किया जा रहा है।
सरकार सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार पर भी तेजी से काम कर रही है। गत 14 मार्च के बाद से अब तक 51,548 नए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन जारी किए गए हैं। इससे कुल संख्या बढ़कर 16.09 लाख से अधिक हो गई है। इस दिशा में 117 से ज्यादा आवश्यक अनुमतियां भी जारी की जा चुकी हैं।
आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिलों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने लोगों से कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भंडारण से बचें।






