Uttar Pradesh

विकास के साथ विरासत का संगम : योगी सरकार का रश्मिरथी पर्व बना सांस्कृतिक राष्ट्रचेतना का मंच

लखनऊ में 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा भव्य आयोजन, महापुरुषों के विचारों से युवाओं को जोड़ने पर जोर

लखनऊ, 21 अप्रैल 2026:

यूपी में विकास और विरासत को साथ लेकर चलने की नीति के तहत योगी सरकार एक बार फिर सांस्कृतिक चेतना को नया आयाम देने जा रही है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज, स्मार्ट सिटी और निवेश के जरिए आधुनिक विकास को गति देने के साथ महापुरुषों की स्मृतियों को संजोने और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर 24 से 26 अप्रैल तक लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ का आयोजन होगा। दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का संगम बनेगा।

कार्यक्रम में सीएम योगी मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। 24 अप्रैल को रश्मिरथी संवाद स्मारिका का लोकार्पण, राष्ट्रीय परिसंवाद और रश्मिरथी नाटक का मंचन किया जाएगा। 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान पर चर्चा और नाट्य प्रस्तुति होगी। 26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही अटल स्वरांजलि और तिलक नाटक मंचित किए जाएंगे।

सरकार का मानना है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वामी विवेकानंद, महाराजा सुहेलदेव, संत रविदास, कबीरदास, रानी लक्ष्मीबाई और दिनकर जैसे महापुरुषों की विरासत से जुड़ाव समाज को मजबूत करता है।

प्रदेश में अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे धार्मिक स्थलों के विकास के साथ सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिली है। ऐसे आयोजनों के जरिए युवाओं में राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और सामाजिक समरसता की भावना को सशक्त करने का प्रयास लगातार जारी है।

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