न्यूज डेस्क, 23 अप्रैल 2026:
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान के दौरान लोकतंत्र का उत्सव जोश के साथ मनाया गया। वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में हिंसा और तनाव की घटनाओं ने सनसनी फैला दी। कई जगहों से झड़प, हमले और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं।
दक्षिण मिदनापुर के कुमारगंज सीट से भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार पर हमला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह भीड़ से बचने के लिए भागते नजर आ रहे हैं। सुरक्षा कर्मी साथ होने के बावजूद भीड़ ने उन्हें घेरकर मारपीट की।

इसी तरह आसनसोल साउथ सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल भी निशाने पर रहीं। बर्नपुर के रहमतनगर इलाके में उनकी गाड़ी पर पत्थरबाजी की गई जिससे उसका पिछला शीशा टूट गया। अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र से निकलते ही उनकी गाड़ी पर सुनियोजित हमला किया गया। उन्होंने हीरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और इसे लगातार हो रही साजिश का हिस्सा बताया।
बीरभूम जिले के सिउड़ी में भाजपा उम्मीदवार और टीएमसी की महिला पार्षद शिप्रा मजूमदार के बीच तीखी बहस भी सामने आई। भाजपा ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की गई जबकि टीएमसी पार्षद ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वह एक दिव्यांग मतदाता की मदद कर रही थीं। इन घटनाओं के बीच कई स्थानों पर भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं, वहीं ईवीएम खराब होने की शिकायतों ने भी विवाद को हवा दी।

हालांकि, तमिलनाडु में मतदान अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा। दोनों राज्यों में मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दोपहर 3 बजे तक पश्चिम बंगाल में 78 प्रतिशत और तमिलनाडु में 70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि महिलाओं की भागीदारी बड़ी संख्या में नजर आई।
तमिलनाडु में लोकतंत्र का उत्सव शांति से संपन्न होता दिखा तो बंगाल में हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। अब सबकी नजरें नतीजों के साथ-साथ इन घटनाओं पर होने वाली कार्रवाई पर भी टिकी हैं। मालूम हो कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोट डाले गए। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया गया।






