लखनऊ, 24 अप्रैल 2026:
नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर प्रदेश के वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा व टीएमसी ने महिला आरक्षण का विरोध कर महिलाओं के साथ अन्याय किया है। इसके बावजूद केंद्र सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ती रहेगी। सरकार भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रखेगी, जिससे देश की महिलाएं राजनीति में बराबरी की भागीदारी हासिल कर सकें।
वित्त मंत्री आज शुक्रवार को राजधानी स्थित वीवीआईपी गेस्ट हाउस में मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक तौर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम था, लेकिन विपक्ष ने इसे आगे बढ़ने नहीं दिया। जब भी महिलाओं को अधिकार देने की बात आती है, विपक्ष सियासत करने लगता है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि सरकार का मकसद साफ है, महिलाओं को बराबरी का मौका देना।
खन्ना ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सीटों में 50 फीसदी तक इजाफा करने की बात पहले ही साफ की जा चुकी थी। इसके बावजूद विपक्ष ने बेवजह मुद्दे खड़े किए। उन्होंने कहा कि संविधान में समुदाय के आधार पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है, लेकिन सपा मुस्लिम महिलाओं का मुद्दा उठाकर बहस को भटकाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक पारित हो जाता तो 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचती। परिसीमन के मुद्दे पर भी उन्होंने विपक्ष को घेरा और कहा कि यह प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है और लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
सुरेश खन्ना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक तकनीकी वजहों का हवाला देकर महिला आरक्षण को रोके रखा। उन्होंने कहा कि अब तक यह विधेयक नौ बार पेश हुआ, लेकिन हर बार कांग्रेस के चलते पास नहीं हो सका। उन्होंने यह भी दावा किया कि संसद में विधेयक पास न होने पर कांग्रेस और सपा के नेताओं के बीच खुशी का माहौल दिखा, जिससे उनकी मंशा साफ होती है।






