राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 25 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब हवाई हमले की काल्पनिक सूचना पर पूरे शहर में व्यापक मॉक ड्रिल शुरू कर दी गई। रात करीब 10 बजे पुलिस कंट्रोल रूम से अलर्ट जारी होते ही शहरी क्षेत्र में ब्लैकआउट लागू कर दिया गया। इससे पूरा शहर अचानक अंधेरे में डूब गया।
ड्रिल के तहत घंटाघर, डील रायपुर, आराघर और आईएसबीटी को ‘टारगेट’ बनाते हुए बमबारी की मॉक सूचना दी गई। सूचना मिलते ही जिला आपदा कंट्रोल रूम ने तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सक्रिय किया और इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) लागू कर दिया गया। इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में सभी विभागों के अधिकारी तैनात कर दिए गए।

आईएसबीटी क्षेत्र में रात 10:34 बजे ‘बम धमाके’ का परिदृश्य तैयार किया गया जिसमें काल्पनिक रूप से 4 लोगों की मौत, 6 गंभीर और 5 सामान्य घायल दर्शाए गए। घायलों को एम्बुलेंस के जरिए दून चिकित्सालय भेजा गया। वहीं आराघर में 10:36 बजे गिरे ‘बम’ को टीम ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। घंटाघर क्षेत्र में पुलिया क्षतिग्रस्त होने के साथ बिजली और पेयजल आपूर्ति ठप होने का सीन बनाया गया जबकि डील रायपुर में राहत रही और कोई जनहानि नहीं दिखाई गई।
इस दौरान सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें तेजी से राहत और बचाव कार्यों में जुटीं। 152 सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स में से घंटाघर में 52, आराघर में 52, आईएसबीटी में 36 और डील रायपुर में 12 ने मोर्चा संभाला।
रात 10:05 से 10:35 बजे तक 30 मिनट का सख्त ब्लैकआउट भी लागू किया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी, विभागों के समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था। जिला प्रशासन ने इस अभ्यास को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए सिस्टम पूरी तरह सतर्क और सक्षम है।






