लखनऊ, 27 अप्रैल 2026:
यूपी में खेलों की तस्वीर बदलने की दिशा में योगी सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट अब तेजी से आकार ले रहा है। मेरठ के सरधना में बन रहा मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय न सिर्फ प्रदेश का पहला बल्कि देश के सबसे बड़े और आधुनिक खेल विश्वविद्यालयों में शामिल होने जा रहा है। करीब 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सीएम योगी ने इसे 31 मई तक हर हाल में पूरा करने का सख्त लक्ष्य तय किया है।
करीब 36.98 हेक्टेयर (91.38 एकड़) में फैला यह भव्य विश्वविद्यालय 369.11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा है। पीडब्ल्यूडी के जरिए बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट पर अब तक 247 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं। निर्माण के अंतिम चरण में फिनिशिंग का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
देश की राजधानी के करीब स्थित मेरठ का यह विश्वविद्यालय भौगोलिक दृष्टि से भी बेहद रणनीतिक है। इससे प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के खिलाड़ियों को सीधा फायदा मिलेगा। खासतौर पर ग्रामीण प्रतिभाओं को पहली बार विश्वस्तरीय सुविधाओं तक पहुंच मिलेगी।
विश्वविद्यालय के पहले कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के नेतृत्व में संस्थान तेजी से शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचा मजबूत कर रहा है। फिलहाल बीपीईएस कोर्स संचालित है जबकि अगले सत्र से बीपीएड, एमपीएड, बीएससी योगा और डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए एनसीटीई से अनुमति की प्रक्रिया जारी है। नए सत्र में करीब 300 छात्रों के प्रवेश का लक्ष्य रखा गया है।
यह विश्वविद्यालय पढ़ाई के साथ खेल विज्ञान, कोचिंग, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म जैसे क्षेत्रों में भी नई क्रांति लाएगा। यहां स्नातक से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई होगी। यहां सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी और फुटबॉल मैदान, स्विमिंग पूल, जिम्नेजियम, स्पोर्ट्स साइंस लैब और मल्टीपर्पज हॉल जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं होंगी। कुल 22 ओलंपिक खेलों का संचालन किया जाएगा।
इस साल एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, बॉक्सिंग, कुश्ती, योग समेत कई खेल शुरू होंगे, जबकि अगले साल शूटिंग, आर्चरी और घुड़सवारी जैसे खेल भी जोड़े जाएंगे। कुलपति का कहना है कि लक्ष्य खिलाड़ियों को तैयार करने के साथ प्रदेश को भारतीय खेलों का ‘पावर सेंटर’ बनाना है। यह विश्वविद्यालय आने वाले समय में ओलंपियन तैयार करने के साथ क्षेत्र में रोजगार और विकास के नए दरवाजे भी खोलेगा।






