न्यूज डेस्क, 27 अप्रैल 2026:
आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा राजनीतिक झटका देने वाले उसके सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा के सभापति के इस फैसले के बाद उच्च सदन में सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। आप की स्थिति कमजोर और भाजपा मजबूत हो गई है।
संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी सांसदों को अब भाजपा सदस्य के रूप में सूचीबद्ध कर दिया गया है। इस घटनाक्रम के बीच भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर अपने फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि मैं एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हूं। मेरे सामने बेहतरीन करियर था लेकिन देश सेवा के लिए राजनीति में आया। जिस पार्टी को 15 साल तक खून-पसीने से सींचा, उसी ने मुझे काम करने और संसद में बोलने से रोका।

चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी अब चंद भ्रष्ट लोगों के हाथों में सिमट गई है जो निजी फायदे के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनके सामने तीन विकल्प थे। राजनीति छोड़ना, पार्टी के भीतर रहकर सुधार की कोशिश करना या फिर सकारात्मक राजनीति के लिए दूसरे दल में जाना। उन्होंने कहा कि मैंने तीसरा रास्ता चुना और मैं अकेला नहीं बल्कि कुल सात सांसदों ने यह फैसला लिया।
भाजपा में शामिल होने वाले अन्य सांसदों में स्वाति मालीवाल, अशोक कुमार मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी शामिल हैं। इन सभी ने शुक्रवार को सभापति को पत्र लिखकर खुद को भाजपा का हिस्सा मानने की मांग की थी जिसे स्वीकार कर लिया गया।
वहीं, आप ने इस फैसले के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने रविवार को सभापति के समक्ष याचिका दाखिल कर इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी दल-बदल के आधार पर इनकी अयोग्यता की मांग उठाई है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस विलय का स्वागत करते हुए कहा कि ये सभी सांसद सदन में मर्यादित और अनुशासित रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब ये सभी आधिकारिक रूप से भाजपा संसदीय दल का हिस्सा हैं।






