हरदोई/लखनऊ, 29 अप्रैल 2026:
गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने यूपी के उभरते विकास मॉडल की एक व्यापक झलक देखी। कार्यक्रम स्थल पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी ने प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक संभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत के अद्भुत संगम को सामने रखा।
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री को प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क, उनकी रणनीतिक उपयोगिता और भविष्य की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने इस व्यापक नेटवर्क को नए उत्तर प्रदेश की आधारशिला बताते हुए इसकी सराहना की।
प्रदर्शनी में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की पूरी प्रक्रिया, इसके मार्ग में आने वाले 12 जिलों और इससे मिलने वाली कनेक्टिविटी को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को तेज और सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्रीय संतुलित विकास को भी गति देगा।

यूपीडा की प्रस्तुति में एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जाने वाले औद्योगिक गलियारों (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) और लॉजिस्टिक्स हब की विस्तृत योजनाएं भी शामिल रहीं। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदर्शनी की खास बात यह रही कि इसमें विकास के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी प्रमुखता दी गई। प्रयागराज महाकुंभ के संगम की झांकी, आर्ट गैलरी, प्रतापगढ़ का पक्षी अभयारण्य, महात्मा बुद्ध की ध्यानमग्न प्रतिमा और विभिन्न मंदिरों के मॉडल ने प्रधानमंत्री का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
इस प्रदर्शनी ने स्पष्ट किया कि गंगा एक्सप्रेसवे एक सड़क परियोजना के साथ उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बनने जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक पहचान के संतुलन के साथ यह परियोजना प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।






