बिजनेस डेस्क, 30 अप्रैल 2026:
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बनी अनिश्चितता का असर गुरुवार को भारतीय बाजार पर साफ नजर आया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बाद शेयर बाजार में भारी बिकवाली शुरू हुई और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 959 अंक तक टूटकर 76,537 के आसपास आ गया। निफ्टी भी 285 अंकों की गिरावट के साथ 23,892 के स्तर पर फिसल गया।
मुद्रा बाजार में भी हालात कमजोर रहे। रुपया शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 95.01 पर खुला और जल्द ही गिरकर 95.20 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले सत्र में भी रुपया 94.88 पर बंद हुआ था, जो उस समय तक का सबसे कमजोर स्तर था।

विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, मजबूत डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव ने मिलकर दबाव बढ़ाया है। सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशक डॉलर की तरफ झुक रहे हैं, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर असर पड़ा है।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स भी करीब 4.90 अंक चढ़कर 18.29 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता दिखाता है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने एक दिन पहले ही 2,468 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की थी और उनका यह रुख जारी है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर यथास्थिति बनाए रखने के फैसले के बाद डॉलर इंडेक्स भी मजबूत बना हुआ है। इसके साथ ही वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ता कूटनीतिक तनाव वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार और रुपये पर दिख रहा है।






