बाराबंकी, 2 मई 2026:
कुर्सी क्षेत्र का बसारा गांव शनिवार सुबह गम में डूब गया। गांव के अरविंद कुमार के दो मासूम बेटों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। मां बार-बार बेहोश हो रही थी। लोग दिलासा देने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे थे। इस अंतिम विदाई ने पूरे गांव को खामोश कर दिया।
दरअसल शुक्रवार की शाम अरविंद अपने बेटों वीर (11) और रवि (8) के शव लेकर दिल्ली से पत्नी के साथ गांव लौटा था। करीब 500 किलोमीटर के सफर में बेटों के शव के साथ रहे मां बाप के आंसू सूख चुके थे। बताया गया कि अरविंद कुमार करीब चार साल पहले रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली गया था। वहीं मजदूरी कर परिवार चलाता था और बच्चों की पढ़ाई भी हो रही थी।
दो दिन पूर्व 29 अप्रैल को स्कूल से लौटने के बाद वीर और रवि अपने एक पड़ोसी बच्चे के साथ खेलने निकले थे। खेलते-खेलते तीनों द्वारका सेक्टर-24 के एक गहरे तालाब तक पहुंच गए। नहाने के लिए जैसे ही पानी में उतरे, तीनों बच्चे गहराई में फंस गए। करीब 10 फीट गहरे पानी में कोई भी संभल नहीं पाया और तीनों डूब गए।
हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। पिता अरविंद कुमार शुक्रवार शाम दोनों बेटों के शव लेकर बसारा गांव पहुंचे। लंबा सफर तय कर लौटे इस परिवार की हालत देख गांव में सन्नाटा पसर गया। तमाम रिश्तेदार भी जानकारी पाकर पहुंच गए। आखिरकार शनिवार सुबह दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार गांव में कर दिया गया। इस दौरान एक बार फिर से सिसकियां गूंज उठीं।






