हरेंद्र धर दुबे
गोरखपुर, 3 मई 2026:
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ‘गोविष्टि यात्रा’ आज गोरखपुर से शुरू होगी। रविवार सुबह मुख्य आयोजन के साथ यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। शंकराचार्य एक दिन पहले ही शहर पहुंच गए थे, जहां अनुयायियों ने उनका स्वागत किया। वह सहारा स्टेट स्थित शिष्य के आवास पर मीडिया से भी रूबरू हुए।
बताया गया कि शंकराचार्य शनिवार को जब गोरखपुर की सीमा में दाखिल हुए तो जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। इस बीच वो अपने पूर्वजों के गांव सहजनवा में पिनकी गए। यहां से वापस सहारा स्टेट आए। तय कार्यक्रम के मुताबिक यात्रा रोज पांच विधानसभा क्षेत्रों में गोष्ठी, आशीर्वचन और पदुका पूजन होंगे। आयोजकों का दावा है कि यह यात्रा प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों तक पहुंचेगी।
मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि गोरखपुर से शुरुआत की खास वजह है। उनके मुताबिक यह शहर ‘गोरक्ष’ परंपरा से जुड़ा है और गौ सम्मान का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि यात्रा का मकसद गांव-शहर तक पहुंचकर गौ संरक्षण और सम्मान को लेकर लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने इसे अपने तरह का पहला अभियान बताया, जिसमें कोई धर्माचार्य भीषण गर्मी के बीच लगातार 81 दिन तक भ्रमण करेगा।
गोरक्षपीठ की नगरी से यात्रा शुरू होने को उन्होंने अहम बताया। बातचीत में उन्होंने भगवान कृष्ण का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे उन्होंने गौ रक्षा के लिए गोवर्धन उठाया था, वैसे ही आज लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि लोकतांत्रिक तरीके से, खासकर मतदान के वक्त, जागरूक रहकर सरकार को सजग रखें। उन्होंने हाल में पांच राज्यों के चुनाव का जिक्र किया। कहा कि वहां गौ हत्या का मुद्दा सत्ता और विपक्ष दोनों के बीच चर्चा में रहा, जो इस यात्रा के मकसद को और प्रासंगिक बनाता है।






