बाराबंकी, 3 मई 2026:
रामनगर में सरयू नदी पर बने पांटून पुल पर रोज लगने वाले जाम से राहगीरों की परेशानी बढ़ती जा रही है, जबकि पास ही संजय सेतु की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है। एक तरफ आवागमन बार-बार बाधित हो रहा है, दूसरी तरफ पुराने पुल को दुरुस्त कर ट्रैफिक सुचारु करने की तैयारी जारी है।
बता दें कि लखनऊ से बहराइच गोंडा जाने वाले मार्ग पर रामनगर में बने संजय सेतु की रिपेयरिंग का काम चल रहा है। विकल्प के रूप में बने पांटून पुल पर छोटे वाहनों के लिए रास्ता खुला जरूर है, मगर टीन प्लेटों के ढीले होने और धंसने से हालात बिगड़ जाते हैं। मरम्मत के दौरान वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ती है, जिससे लंबा जाम लग जाता है। कई बार टीन को उठाकर नीचे मिट्टी भरनी पड़ती है, इसमें समय लगता है और वाहन लाइन में फंस जाते हैं।

रोजाना की यही स्थिति लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। हालात तब और खराब हो जाते हैं जब किसी के साथ इमरजेंसी होती है, मगर रास्ते में कोई अलग व्यवस्था नहीं है। रविवार को गोंडा की तरफ जा रही एक कार टीन से उतरकर बालू में फंस गई। चालक काफी देर तक मदद के इंतजार में खड़ा रहा, मौके पर तुरंत कोई राहत नहीं मिली।
उधर, सरयू नदी पर बने पुराने संजय सेतु की मरम्मत तेजी से आगे बढ़ रही है। पुल पर कुल 62 जॉइंट बदले जाने हैं, जिसमें से 52 बदले जा चुके हैं। यह काम फिलहाल बाराबंकी से गोंडा जाने वाले हिस्से पर पूरा हो चुका है। अब बाकी 10 जॉइंट बदले जाने हैं, इसके बाद दूसरी दिशा का काम शुरू होगा।
मरम्मत के तहत पुल की पुरानी डामर परत हटाई जा रही है। जॉइंट बदलने के बाद दोबारा डामरीकरण होगा ताकि सफर सुरक्षित और आसान हो सके। इस दौरान पुल में बड़े गैप बनते हैं, जिनसे नीचे कोठियों तक बेयरिंग पहुंचाकर बदली जा रही है। अब तक 35 कोठियों की बेयरिंग बदली जा चुकी है, एक कोठी में 8 बेयरिंग लगती हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा रफ्तार बनी रही तो करीब 20 दिनों में पूरा काम खत्म हो जाएगा, जिससे पुल की मजबूती बढ़ेगी और ट्रैफिक पर दबाव कम होगा।






