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Tricycle से Hearing Aid तक…यूपी सरकार दे रही है दिव्यांगजनों को ये सुविधाएं

उत्तर प्रदेश सरकार की ये योजना दिव्यांगजनों को सहारा और नया आत्मविश्वास दे रही है। इस योजना के तहत सरकार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिलाने में मदद करेगी।

ज़िंदगी कभी-कभी ऐसे मोड़ लाती है जहाँ कदम थम जाते हैं, पर हौसले नहीं। अब वही हौसले फिर से रफ़्तार पकड़ेंगे, क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार की ये योजना दिव्यांगजनों को सहारा और नया आत्मविश्वास दे रही है। इस योजना के तहत सरकार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिलाने में मदद करेगी। ताकि हर दिव्यांगजन फिर से अपने पैरों पर खड़ा होकर कह सके। आइए विस्तार से जानते हैं इस योजना के बारे में…

क्या है ये योजना?

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कृत्रिम अंग / सहायक उपकरण योजना — उत्तर प्रदेश सरकार की एक life-changing initiative है, जिसका मकसद है दिव्यांगजनों को financial support देना ताकि वे फिर से आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना के तहत वे व्यक्ति लाभ उठा सकते हैं जिनकी annual income तय BPL limit से ज़्यादा नहीं है —

👉 ग्रामीण क्षेत्र के लिए ₹46,080/- तक

👉 शहरी क्षेत्र के लिए ₹56,460/- तक

सरकार समय-समय पर इन सीमाओं और eligible expenses में संशोधन भी करती है, ताकि हर ज़रूरतमंद को सही समय पर सही मदद मिले।

किसे मिलेगा इस योजना का लाभ? (Eligibility Criteria)

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अगर आप सपनों को हकीकत में बदलने का हौसला रखते हैं, तो ये योजना आपके लिए है 👇

1️⃣  उत्तर प्रदेश के निवासी किसी भी उम्र के दिव्यांग व्यक्ति इस योजना के लिए eligible हैं।

2️⃣   आपकी दिव्यांगता कम से कम 40% होनी चाहिए, जो राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित हो।

3️⃣  अगर कोई व्यक्ति मानसिक मंदता (mental retardation) से ग्रस्त है — यानी मस्तिष्क के विकास में कमी या अवरोध है — तो उसका भी प्रमाणन competent authority द्वारा होना ज़रूरी है।

4️⃣  Medical officer ने आपके लिए कृत्रिम अंग या सहायक उपकरण की जरूरत की सिफारिश की हो।

5️⃣  आपने पिछले 3 सालों में भारत सरकार, राज्य सरकार या किसी local body से ऐसे उपकरणों का लाभ नहीं लिया हो। अगर आप किसी educational institution के regular student हैं, तो ये सीमा 1 साल की होगी।

इस योजना में आवेदन की प्रक्रिया क्या है? (Application Process)

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अब सशक्त जीवन की शुरुआत सिर्फ कुछ आसान steps दूर है 👇

1️⃣   हां आवेदन करें: दिव्यांगजन अपने जिले के Divyangjan Sashaktikaran Adhikari Office, Jan Suvidha Kendra, या Lokvani Kendra में जाकर आवेदन कर सकते हैं।

2️⃣  फॉर्म प्राप्त करें: आवेदन फॉर्म वहीं से लें — या चाहें तो इसे ऑनलाइन डाउनलोड भी कर सकते हैं।

3️⃣  फॉर्म भरें: निर्धारित format में अपनी सारी जानकारी सही-सही भरें।

4️⃣ जरूरी Documents लगाएं:
✅ हाल की फोटो
✅ निवास प्रमाण पत्र
✅ विकलांगता प्रमाण पत्र
✅ जाति प्रमाण पत्र (यदि SC/OBC हैं)
✅ आय प्रमाण पत्र
✅ मेडिकल रिपोर्ट

5️⃣   फॉर्म जमा करें: भरा हुआ फॉर्म और सारे documents अपने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को जमा करें।

6️⃣   फंड स्वीकृति (Approval): अधिकारी प्राप्त आवेदनों को “First Come, First Serve” के आधार पर जांचेंगे और eligible applicants को financial grant देंगे।

7️⃣   डिस्ट्रिब्यूशन (Distribution): इसके बाद, हर जिले में लगने वाले special camps के ज़रिए eligible beneficiaries को सहायक उपकरण (assistive devices) दिए जाएंगे।

इस योजना में क्या-क्या मिलेगा लाभ? (Benefits)

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सरकार दे रही है दिव्यांगजनों को फाइनेंशियल सपोर्ट + ज़रूरी उपकरण, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें 👇

Financial Grant:

  • एक दिव्यांगजन को ₹8,000 तक की सहायता मिलेगी, जिससे वह कृत्रिम अंग या सहायक उपकरण खरीद सके।
  • अगर किसी को एक से ज़्यादा उपकरण (Multi-Disability case) की ज़रूरत है, तो उसे ₹10,000 तक की मदद दी जाएगी।

🦾 डिवाइस सपोर्ट — Disability Type के अनुसार:

1️⃣  Mobility Support (चलने-फिरने के लिए):
ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, CP चेयर, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक या चलने की छड़ी जैसी मदद मिलेगी।

2️⃣  Vision Support (दृष्टिबाधितों के लिए):

  • छात्रों को Math Kit, Abacus, Geometry Set और Braille Educational Kit दी जाएगी।
  • अन्य दृष्टिबाधित व्यक्तियों को Blind Stick प्रदान की जाएगी।

3️⃣  Hearing Support (श्रवण बाधितों के लिए): Hearing Aids और Special Education Kits दी जाएंगी, ताकि वे आसानी से सीख और संवाद कर सकें।

4️⃣  Mental Disability Support: मानसिक रूप से विशेष बच्चों के लिए MSID Kit (Multi-Sensory Education Development Kit) उपलब्ध कराई जाएगी।

5️⃣  Leprosy Recovered Persons: दैनिक जीवन को आसान बनाने के लिए Daily Activity Kit दी जाएगी।

पाठकों द्वारा अक्सर पूछा जाने वाला सवाल (FAQs)

1-कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना क्या है?

उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना” शुरू की है —जिसका मकसद है उन्हें ज़रूरी artificial limbs और supportive devices उपलब्ध कराना, ताकि वे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी जीवन जी सकें।  

2-कौन ले सकता है कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना का लाभ?

उत्तर प्रदेश का कोई भी दिव्यांग व्यक्ति, जो राज्य का स्थायी निवासी (resident) है, इस योजना का लाभ उठा सकता है।

महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक (Important official links)

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https://hwd.uphq.in/

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग , उत्तर प्रदेश सरकार

टेक्निकल सपोर्ट नंबर : 8840637493 OR  9129159111 (10:00 AM – 06:00 PM on Working Days.)

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