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आउटसोर्सिंग पर आक्रोश… शोषण की व्यवस्था खत्म करो, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कही ये बड़ी बात

सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश में कौशल किशोर का अल्टीमेटम, लाखों कर्मचारियों की एकजुट आवाज-समान काम, समान वेतन चाहिए, आंदोलन की चेतावनी

प्रमोद कुमार

मलिहाबाद (लखनऊ), 6 मई 2026:

यूपी में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर अब असंतोष खुलकर सामने आ गया है। इस व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर कर्मचारियों को सीधे संविदा कर्मचारी का दर्जा देने की मांग तेजी से जोर पकड़ रही है। इस मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए सीधा संदेश दिया है कि अब शोषण की व्यवस्था किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सोशल मीडिया पर बुधवार सुबह जारी एक वीडियो संदेश में कौशल किशोर ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को घुटन भरी और शोषणकारी बताते हुए कहा कि वर्षों से काम कर रहे कर्मचारी एजेंसियों के चंगुल में फंसे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को न तो उचित वेतन मिल रहा है, न नौकरी की सुरक्षा और न ही सम्मानजनक पहचान।

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उन्होंने साफ कहा कि सरकार को तत्काल इस व्यवस्था को समाप्त कर सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सीधे संविदा कर्मचारी का दर्जा देना चाहिए जिससे उन्हें उनका हक मिल सके। कौशल किशोर ने यह भी कहा कि मौजूदा व्यवस्था कुछ एजेंसियों और ठेकेदारों के लिए मुनाफे का जरिया बन गई है जबकि असली मेहनत करने वाले कर्मचारी अधिकारों से वंचित हैं।

इस मुद्दे पर प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत लाखों आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी एकजुट होकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से समान काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें न तो स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं मिलती हैं और न ही बराबर वेतन। उनकी स्पष्ट मांग है किक्षसमान काम के लिए समान वेतन और सुरक्षा मिले।

कौशल किशोर ने सरकार और संबंधित विभागों से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। मालूम हो कि प्रदेश में यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गरमाता जा रहा है।

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