लखनऊ, 8 मई 2026:
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर लगातार ड्यूटी से गायब रहने और काम में अनियमितता बरतने वाले पांच डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है इसके अलावा एक सीएमओ समेत 16 चिकित्साधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
बता दें कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक इससे पहले भी गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई कर चुके हैं। एक बार फिर से उनके एक्शन से विभाग में हलचल मच गई है
उन्होने स्पष्ट किया है कि मरीजों के इलाज में लापरवाही किसी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बर्खास्त किए गए डॉक्टरों में गोरखपुर की डॉ. अलकनंदा, कुशीनगर के डॉ. रामजी भारद्वाज, बलरामपुर के डॉ. सौरभ सिंह, अमेठी के डॉ. विकलेश कुमार शर्मा और औरैया की डॉ. मोनिका वर्मा शामिल हैं। विभागीय कार्रवाई के दायरे में अम्बेडकर नगर के सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल और डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा पर निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण व नवीनीकरण में गड़बड़ी के आरोप सही पाए गए हैं। शिकायतों की जांच एडीएम स्तर की समिति से कराई गई थी।
हरदोई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार सिंह पर अवैध निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई न करने के मामले में जांच बैठाई गई है। वहीं प्रयागराज के सीएचसी मेजा के अधीक्षक डॉ. शमीम अख्तर पर प्रशासनिक लापरवाही के आरोप में कार्रवाई और तबादले के निर्देश दिए गए हैं।
सुल्तानपुर के लम्भुआ सीएचसी में महिला मरीज के इलाज में लापरवाही के मामले में तत्कालीन अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. धर्मराज और फार्मासिस्ट अवधनारायण के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। मथुरा जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों पर गलत मेडिकोलीगल रिपोर्ट तैयार करने के आरोप में जांच शुरू की गई है। इसके अलावा कई डॉक्टरों की वेतनवृद्धि रोकने और परिनिंदा दंड देने के आदेश जारी हुए हैं।






