लखनऊ, 8 मई 2026:
यूपी में बढ़ती गर्मी और आगामी महीनों में पशुओं के लिए चारे की संभावित कमी को देखते हुए योगी सरकार मिशन मोड में उतर आई है। सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेशभर में व्यापक भूसा संग्रह अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने अगले एक वर्ष के लिए 131.40 लाख कुंतल भूसे की आवश्यकता तय की है। इसके सापेक्ष 60.99 लाख कुंतल भूसा संग्रह का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 26.78 लाख कुंतल भूसा एकत्र किया जा चुका है। यह कुल लक्ष्य का लगभग 43.9 प्रतिशत है।
सरकार की रणनीति केवल भूसा खरीदने तक सीमित नहीं है बल्कि दान और जनसहभागिता के जरिए भी गोआश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी डीएम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक गोआश्रय स्थल पर अस्थायी और स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जाएं। स्थानीय किसानों से समन्वय कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
भूसा संग्रह अभियान में ललितपुर प्रदेश में सबसे आगे निकल गया है। यहां लक्ष्य के मुकाबले 102.9 प्रतिशत भूसा संग्रह किया जा चुका है। इसके बाद देवरिया में 100.7 प्रतिशत और गोरखपुर में 96.1 प्रतिशत संग्रह दर्ज किया गया है। वहीं मऊ, आगरा, महराजगंज, सहारनपुर और हरदोई ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। दूसरी ओर लखनऊ, कानपुर नगर,स़भल और इटावा जैसे जिले अभी पीछे हैं। वहां अभियान को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

दान आधारित भूसा संग्रह में अब तक 12.19 लाख कुंतल लक्ष्य के मुकाबले 2.65 लाख कुंतल भूसा जुटाया गया है। इस श्रेणी में महराजगंज, जौनपुर, गाजियाबाद और रामपुर अग्रणी बने हुए हैं। सरकार ने समाजसेवी संस्थाओं, गोसेवकों और आम नागरिकों से भी अभियान में सहयोग की अपील की है।
योगी सरकार ने गोआश्रय स्थलों में पशुओं के लिए गुणवत्ता युक्त और संतुलित आहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। एफएसएसएआई मानकों और बीआईएस प्रमाणित आईएस-2023 के अनुरूप पशु आहार खरीदने के आदेश जारी किए गए हैं। पीसीडीएफ द्वारा निर्मित पराग पशु आहार को प्राथमिकता देने के साथ हर गोवंश को प्रतिदिन न्यूनतम 500 ग्राम संतुलित आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
प्रदेश में अब तक 1905 अस्थायी और 7285 स्थायी भूसा बैंक बनाए जा चुके हैं। 14 जिलों में भूसा टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अन्य जिलों में कार्य तेजी से जारी है। साथ ही सभी गोआश्रय स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, छाया, कूलर और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं जिससे भीषण गर्मी में पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।






