लखनऊ, 23 मई 2026:
यूपी में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच बिजली आपूर्ति व्यवस्था बड़े दबाव की परीक्षा से गुजर रही है। इसके बावजूद यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने अब तक हालात को नियंत्रण में बनाए रखने का दावा किया है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली खपत के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति जारी है।
यूपीपीसीएल के अनुसार प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे, तहसील मुख्यालयों और नगर पंचायतों को साढ़े 21 घंटे तथा जिला मुख्यालयों को 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य लगातार पूरा किया जा रहा है। भीषण गर्मी के कारण प्रदेश में रात के समय बिजली मांग 32 से 33 हजार मेगावाट तक पहुंच रही है। 22 मई को दोपहर 2:30 बजे प्रदेश में 30,357 मेगावाट बिजली की आपूर्ति दर्ज की गई। 21 मई को दोपहर 2 बजे लोड 29,493 मेगावाट के सर्वकालिक उच्च स्तर तक पहुंच गया था।

यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेन्द्र धर द्विवेदी ने बताया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए दिन के समय प्रदेश में रोस्टरिंग मुक्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए दीर्घकालिक और अल्पकालिक विद्युत अनुबंधों, ऊर्जा एक्सचेंजों तथा विभिन्न राज्यों से ऊर्जा बैंकिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है।
सरकार ने सभी वितरण अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी कारणों से बिजली बाधित होती है तो उसकी भरपाई अतिरिक्त आपूर्ति देकर की जाए। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के फोन रिसीव करने, सही जानकारी देने और किसी भी बड़े फॉल्ट की सूचना मीडिया व जनप्रतिनिधियों तक तत्काल पहुंचाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रखने और खराब होने पर कम से कम समय में बदलने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यूपीपीसीएल का दावा है कि पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर, तकनीकी गैंग और आवश्यक सामग्री पहले से उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि तेज गर्मी और एसी जैसे भारी लोड वाले उपकरणों के कारण कुछ स्थानों पर व्यवधान उत्पन्न हो रहे हैं। इसके बावजूद आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।






