बिजनेस डेस्क, 8 मई 2026:
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार दबाव में नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 400 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,200 के नीचे पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग शेयरों में दिखा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
सुबह कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 353.50 अंक टूटकर 77,491.02 पर पहुंच गया। कुछ देर बाद गिरावट और बढ़ी तो सेंसेक्स 536.66 अंक फिसलकर 77,331.75 तक आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 166.95 अंक गिरकर 24,170.80 पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में कमजोरी के बीच रुपया भी दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 36 पैसे टूटकर 94.58 पर पहुंच गया। सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील और इटरनल के शेयरों में गिरावट रही। दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स और एचसीएल टेक में कुछ खरीदारी दिखी।
जानकारों के मुताबिक पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ने का सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुई हालिया गोलीबारी ने वैश्विक बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी है। इसी तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 1.19 फीसदी चढ़कर 101.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि पश्चिम एशिया में लगातार बदलते हालात की वजह से बाजार बेहद संवेदनशील बना हुआ है। निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं, जिसका असर दुनियाभर के बाजारों पर दिख रहा है।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हांगकांग का हैंग सेंग और शंघाई एसएसई कंपोजिट इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 340.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 114 अंक टूटकर 77,844.52 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 24,326.65 पर बंद हुआ था।






