लखनऊ, 9 मई 2026:
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच के दौरान इकाना स्टेडियम के बाहर नकली टिकट बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छत्तीसगढ़ के चार युवकों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से फर्जी टिकट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, प्रिंटिंग सामग्री और एक कार बरामद हुई है।
पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया से असली टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड करते थे और Corel Draw सॉफ्टवेयर की मदद से हूबहू नकली टिकट तैयार करते थे। टिकट की साइज, कागज की क्वालिटी और डिजाइन से जुड़ी बारीक जानकारी जुटाने के लिए उन्होंने ChatGPT का इस्तेमाल किया था।
जालौन के रहने वाला प्रदीप सिंह 7 मई को आईपीएल मैच देखने के लिए इकाना स्टेडियम पहुंचे थे। स्टेडियम के बाहर कुछ युवकों ने उन्हें दो टिकट बेचे और इसके बदले यूपीआई के जरिए 1,000 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। जब प्रदीप एंट्री गेट पर पहुंचे तो कर्मचारियों ने टिकट को फर्जी बता दिया। इसके बाद उन्होंने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि आर्थिक तंगी के चलते उन्हें पैसों की जरूरत थी। नया ऑफिस खोलने के लिए रकम जुटाने के मकसद से उन्होंने नकली आईपीएल टिकट बेचने की योजना बनाई।
गिरोह का सदस्य विश्वजीत साहू 2D और 3D डिजाइनिंग का काम करता है। उसने बताया कि उसने YouTube और कोचिंग के जरिए डिजाइनिंग सीखी थी। आरोपी Facebook, Instagram और YouTube से असली टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड करते थे, फिर उन्हें एडिट कर नकली टिकट तैयार करते थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी इससे पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर भी फर्जी टिकट बेचने पहुंचे थे, लेकिन बारकोड मेल न खाने से वहां कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने टिकट की क्वालिटी बेहतर की और लखनऊ आ गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 फर्जी आईपीएल टिकट, 14 प्रिंटेड टिकट शीट, ASUS लैपटॉप, चार स्मार्टफोन, पेपर कटर, प्रिंटिंग सामग्री, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और छत्तीसगढ़ नंबर की रिट्ज कार बरामद की है।






