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हरित क्रांति का मॉडल बना UP: 9 साल में लगाए 242 करोड़ पौधे, इस साल 35 करोड़ पौधरोपण की तैयारी

प्रदेश का वनाच्छादन 559.19 वर्ग किमी. बढ़ा, गांवों में लग रही ग्रीन चौपाल, वाराणसी में मात्र एक घंटे में 2,51,446 पौधे लगाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड, चीन को छोड़ा बहुत पीछे

लखनऊ, 3 मार्च 2026:

यूपी अब सिर्फ विकास और निवेश के लिए ही नहीं बल्कि हरित अभियान की सफलता के लिए भी नई पहचान बना रहा है। सीएम योगी के नेतृत्व में नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं। इससे राज्य का वनाच्छादन 559.19 वर्ग किमी. बढ़ा है। इस उपलब्धि की पुष्टि भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट के आंकड़े करते हैं।

प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने की मुहिम लगातार तेज हो रही है। पिछले वर्ष 9 जुलाई को ही एक दिन में 37.21 करोड़ पौधरोपण कर प्रदेश ने नया कीर्तिमान बनाया था। वहीं रविवार को वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में मात्र एक घंटे में 2,51,446 पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया। इस उपलब्धि पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ने महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा।

इससे पहले 10 मार्च 2018 को चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी ने 1,53,981 पौधे लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। इसे अब काशी ने पीछे छोड़ दिया है। 350 बीघा क्षेत्र में विकसित हो रहा आधुनिक ‘शहरी वन’ प्रदेश की हरित प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है।

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सीएम योगी स्वयं पर्यावरण दिवस और वर्षाकालीन अभियानों की मॉनिटरिंग करते हैं। पौधरोपण से पहले समीक्षा बैठकें और बाद में जनपदों में पहुंचकर पौधे लगाने की परंपरा ने इस अभियान को गति दी है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी व्यापक सराहना मिली जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी थी।

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सरकार ने वर्ष 2026 में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा है। हालिया बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये, पौधशाला प्रबंधन के लिए 220 करोड़ रुपये और राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। वर्ष 2030 तक हरित आवरण 15 प्रतिशत तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ गांवों में 15 हजार से अधिक ‘ग्रीन चौपाल’ गठित किए जा चुके हैं।

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