लखनऊ, 9 मई 2026:
यूपी की राजनीति में रविवार को बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल सकता है। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के बहुप्रतीक्षित विस्तार की संभावना जताई जा रही है। शनिवार देर शाम सीएम योगी ने जनभवन (राजभवन) पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल और बढ़ गई।
सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री ने संभावित नए मंत्रियों की सूची राज्यपाल को सौंपी है। रविवार दोपहर बाद छह नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। इस विस्तार में नए चेहरों की एंट्री होने के साथ कुछ मंत्रियों की छुट्टी की चर्चा भी जोरों पर है। यदि ऐसा होता है तो शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
सबसे ज्यादा चर्चा सपा से बगावत कर भाजपा के करीब आए नेताओं को लेकर है। रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडेय और कौशांबी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान कर राजनीतिक संकेत दे दिए थे। मनोज पांडेय 2012 से 2017 तक अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और अवध क्षेत्र के प्रभावशाली ब्राह्मण चेहरे माने जाते हैं।
वहीं पूजा पाल लंबे समय से राजनीतिक संघर्ष और अपने पति राजू पाल हत्याकांड को लेकर चर्चाओं में रही हैं। हाल के विधानसभा सत्रों में भी वह अपने क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर काफी सक्रिय दिखीं। जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति के तहत नाई समाज से लखनऊ के एमएलसी रामचंद्र प्रधान, विश्वकर्मा समाज से वाराणसी के एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा और जाट समाज से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के नाम भी चर्चा में हैं।
ब्राह्मण चेहरे के तौर पर पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा और भाजपा प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला का नाम सामने आ रहा है। पासी समाज से जयदेवी कौशल और कृष्णा पासवान को भी संभावित दावेदार माना जा रहा है। फिलहाल मुख्यमंत्री समेत योगी मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं और संवैधानिक सीमा के हिसाब से अभी छह पद खाली हैं। पिछला मंत्रिमंडल विस्तार मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले हुआ था।






