न्यूज डेस्क, 11 मई 2026:
रात के 11 बजे हैं। एक कमरे में पति लैपटॉप पर ऑफिस का काम खत्म कर रहा है तो दूसरे कमरे में पत्नी चैन की नींद लेने की कोशिश कर रही है। सुनने में ये किसी रिश्ते में दूरी की कहानी लग सकती है लेकिन हकीकत में इसे आजकल ‘स्लीप डिवोर्स’ कहते है।
तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और मेंटल हेल्थ को लेकर कप्लस बेहतर नींद और सुकून के लिए अलग-अलग कमरों में सोना पसंद कर रहे हैं। खास बात ये है कि इसे रिश्ते टूटने की निशानी नहीं बल्कि रिश्ते बचाने का तरीका माना जा रहा है।

आखिर क्या है ‘स्लीप डिवोर्स’?
नाम में डिवोर्स जरूर है लेकिन इसका प्यार या रिश्ते खत्म होने से कोई लेना-देना नहीं है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि कपल अपनी नींद खराब होने से बचने के लिए अलग बिस्तर या अलग कमरे में सोने का फैसला लेते हैं। कई लोगों के लिए यह फैसला हैरान करने वाला हो सकता है क्योंकि भारतीय समाज में एक साथ सोना हमेशा रिश्तों की मजबूती से जोड़कर देखा गया है लेकिन अब नई पीढ़ी इसे अलग नजरिए से देख रही है।
क्यों बढ़ रहा है ये ट्रेंड?
विशेषज्ञों के मुताबिक खराब नींद आज लोगों की सबसे बड़ी लाइफस्टाइल में से एक बन चुकी है। देर रात तक मोबाइल चलाना, कप्लस का अलग-अलग वर्क टाइम, खर्राटों की आदत बार-बार उठना या रात में स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल करना ये सभी चीजें कप्लस की नींद खराब कर रही हैं। धीरे-धीरे यही छोटी परेशानियां चिड़चिड़ापन, तनाव और रिश्तों में झगड़े की वजह बनने लगती हैं। ऐसे में कई कप्लस ने अलग सोने को बेहतर विकल्प मानना शुरू कर दिया है।
‘नींद पूरी तो रिश्ता भी बेहतर’
डॉक्टर्स का कहना है कि अच्छी नींद सिर्फ शरीर ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। लगातार नींद खराब होने से स्ट्रेस, एंग्जाइटी और गुस्सा बढ़ने लगता है। कुछ कप्लस का मानना है कि अलग-अलग सोने के बाद उनके रिश्तों में झगड़े कम हुए हैं और वे पहले से ज्यादा भावनात्मक रूप से अच्छा महसूस करते हैं जब इंसान अच्छी नींद लेता है तो उसका व्यवहार भी बेहतर होता है।

बड़े शहरों में तेजी से बढ़ रहा ट्रेंड
‘स्लीप डिवोर्स’ का ट्रेंड खासतौर पर वर्किंग कप्लस और मेट्रो सिटीज में तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया और हॉलीवुड सेलिब्रिटीज के बीच इस पर खुलकर चर्चा होने के बाद यह ज्यादा पॉपुलर हुआ है अब लोग सिर्फ ‘लोग क्या कहेंगे’ के हिसाब से नहीं बल्कि अपनी सुविधा और मेंटल पीस के हिसाब से फैसले लेने लगे हैं।
क्यों रिश्तों में बढ़ रही दूरी?
हालांकि कई लोग इसे रिश्तों में बढ़ती दूरी की निशानी मानते हैं लेकिन रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स पूरी तरह सहमत नहीं हैं उनका कहना है कि हर कप्लस की जरूरत अलग होती है अगर अलग सोने से रिश्ता बेहतर और तनाव कम हो रहा है तो इसे गलत नजर से नहीं देखना चाहिए।
बदलती लाइफस्टाइल का नया चेहरा
‘स्लीप डिवोर्स’ इस बात का संकेत है कि आज की पीढ़ी रिश्तों के साथ-साथ अपनी मेंटल हेल्थ और पर्सनल कंफर्ट को भी महत्व देने लगी है क्योंकि अब लोगों के लिए सिर्फ साथ सोना जरूरी नहीं बल्कि सुकून से सोना भी उतना ही जरूरी हो गया है।






