राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 11 मई 2026:
उत्तराखण्ड में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत कार्य कर रहे ठेकेदारों ने लंबित भुगतानों को लेकर आवाज बुलंद की। संयुक्त मोर्चा के बैनर तले एकजुट हुए ठेकेदारों ने सोमवार को मीडिया से बात की और सरकार पर मनमानी के आरोप लगाए। मोर्चा ने बात न बनने पर पहले जिला फिर प्रदेश स्तर पर आंदोलन का ऐलान किया है।
देहरादून प्रेस क्लब में सोमवार को जल जीवन मिशन (जेजेएम) कांट्रेक्टर संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने पत्रकार वार्ता कर सरकार पर भुगतान में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर भुगतान नहीं हुआ तो फिर सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक आनन्द सिंह राणा ने कहा कि राज्य के 16 हजार से अधिक गांवों में जल जीवन मिशन के अधिकांश कार्य पूरे किए जा चुके हैं। ठेकेदारों ने अपनी पूंजी और कर्ज लेकर करीब 15 हजार योजनाओं को समय पर पूरा किया, लेकिन वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक भुगतान जारी नहीं हुआ। इससे ठेकेदारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि भुगतान न मिलने से कार्यों की गति प्रभावित हो रही है और हजारों ठेकेदार कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। मजदूरों को मजदूरी देने में भी कठिनाई आ रही है। इसी के चलते संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है।
16 जून को देहरादून मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 30 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में विभागीय कार्यालयों पर धरना, तालाबंदी व पानी बंद करने का कार्यक्रम चलाया जाएगा। सह-संयोजक प्रशांत गुप्ता ने कहा कि पाइप सप्लायर कंपनियों का करोड़ों रुपये फंसा हुआ है, जिससे उनका कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
महामंत्री हेमेन्द्र चौहान ने कहा कि मजदूर व कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। संयुक्त मोर्चा ने सरकार से शीघ्र भुगतान करने की मांग करते हुए समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन को और तेज करने की बात कही। पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष ध्रुव जोशी, महिपाल सिंह पडियार, आयु शर्मा, संजय नौटियाल और प्रीतम चौहान सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।






