राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 11 मई 2026:
उतराखंड की सरकार श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए हर तरह के उपाय कर रही है, जिससे किसी को कोई परेशानी न हो। हेली यात्रा के दौरान मौसम ख़राब होने पर हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग व टेकऑफ पर नजर रखने के लिए एक हाईटेक सिस्टम बनाया गया है। इसके जरिये किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सकता है।
चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाओं के सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर (आईसीसीसीसी) लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट पर स्थापित यह अत्याधुनिक नियंत्रण केंद्र खराब मौसम की परिस्थितियों में भी हेली सेवाओं की रियल टाइम निगरानी कर रहा है।
आईसीसीसीसी में डीजीसीए, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और यूकाडा की संयुक्त टीम एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ समन्वय स्थापित कर हेली संचालन को सुरक्षित बना रही है। सभी हेली रूटों पर लगे पीटीजेड कैमरों के माध्यम से हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सके। यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि चारधाम हेली यात्रा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है।
डीजीसीए के निर्देशों के तहत सहस्त्रधारा और सिरसी में आईसीसीसीसी स्थापित किए गए हैं, जहां सभी उड़ानों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है और मौसम व दृश्यता की स्थिति के अनुसार उड़ानों को अनुमति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक हेली टिकट बुकिंग में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकायत सामने नहीं आई है। श्रद्धालु केवल आधिकारिक पोर्टल heliyatra.co.in के माध्यम से ही टिकट बुक कर रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 22 अप्रैल से अब तक 21 हजार से अधिक श्रद्धालु हेली सेवा के माध्यम से चारधाम यात्रा कर चुके हैं। इनमें फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से संचालित शटल सेवाओं के जरिए 17,976 यात्री व चार्टर्ड सेवाओं से 3,974 श्रद्धालु शामिल हैं। यूकाडा ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पूरे हेली संचालन पर 24 घंटे सतत निगरानी रखी जा रही है।






