लखनऊ, 13 मई 2026:
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई और दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के अचानक निधन ने सियासी और सामाजिक हलकों को स्तब्ध कर दिया। महज 38 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले प्रतीक की जिंदगी जितनी आलीशान थी उतनी ही रहस्यमयी भी। फिटनेस, लग्जरी कारों और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल के शौकीन प्रतीक हमेशा चर्चा में रहे लेकिन राजनीति की चमक-दमक से उन्होंने खुद को दूर रखा।

प्रतीक यादव को बॉडी बिल्डिंग का जबरदस्त जुनून था। सोशल मीडिया पर उनके फिटनेस वीडियो और तस्वीरें अक्सर वायरल होती थीं। वे खुद को बेहद अनुशासित रखते थे और दूसरों को भी फिट रहने के लिए प्रेरित करते थे। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में उन्होंने ‘द फिटनेस प्लैनेट’ नाम से जिम भी शुरू किया था जहां युवाओं के बीच उनकी अलग पहचान थी।
फिटनेस के साथ-साथ प्रतीक को लग्जरी गाड़ियों का भी बेहद शौक था। उनके कार कलेक्शन में लैम्बॉर्गिनी उरुस और पोर्शे काइएन जैसी महंगी और हाई-एंड गाड़ियां शामिल थीं। तेज रफ्तार और शानदार लाइफस्टाइल उन्हें बाकी राजनीतिक परिवारों के सदस्यों से अलग बनाती थी।

प्रतीक का बचपन उनकी मां साधना गुप्ता के साथ बीता। वर्ष 2007 में मुलायम सिंह यादव ने साधना गुप्ता से विवाह कर प्रतीक को बेटे का दर्जा दिया। शुरुआती पढ़ाई लखनऊ में करने के बाद प्रतीक ब्रिटेन चले गए, जहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एमबीए की पढ़ाई की। राजनीति से दूरी बनाकर उन्होंने रियल एस्टेट, फिटनेस और सामाजिक कार्यों में अपनी राह चुनी।
भाजपा नेता अपर्णा से उनकी लव मैरिज हुई थी। दोनों की दो बेटियां हैं। प्रतीक ‘जीव आश्रय फाउंडेशन’ नाम की एनजीओ भी चलाते थे। ये पशु कल्याण और जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करती थी। बताया जा रहा है कि वे पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसकी जानकारी बेहद सीमित लोगों को ही थी। उनकी अचानक मौत ने कई अनसुलझे सवाल पीछे छोड़ दिए हैं।







