लखनऊ, 13 मई 2026:
सपा संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मौत के बाद सामने आई परिस्थितियों और बयानों ने मामले को रहस्यमय बना दिया है। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने खुलकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रविदास मेहरोत्रा के मुताबिक उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि पोस्टमार्टम क्यों कराया जा रहा है। इस पर उन्हें बताया गया कि जब मौत संदिग्ध परिस्थितियों में होती है तब पोस्टमार्टम किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव का शव नीला पड़ने की बात सामने आई है। हालांकि इसकी अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मेहरोत्रा ने कहा कि इतने फिट और नियमित जिम करने वाले व्यक्ति की अचानक मौत चौंकाने वाली है। इसकी स्वतंत्र न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए।

मामले में एक और मोड़ तब आया जब प्रतीक के साथ जिम करने वाले अंकित नामक युवक का बयान चर्चा में आ गया। पहले उसने कहा कि प्रतीक यादव की बॉडी नीली पड़ गई थी लेकिन कुछ देर बाद वह अपने बयान से मुकर गया और कहा कि उसने ऐसा कुछ नहीं कहा। इस बदलाव ने भी संदेह को और गहरा कर दिया है।
प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम केजीएमयू में 6 डॉक्टरों की टीम ने किया। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार सुबह 9 बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ और विसरा सुरक्षित रख लिया गया है जिससे आगे जांच की जा सके।
इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने छोटे भाई का शव देखा और ड्राइवर से अंदर बातचीत की। बाहर आकर उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह बेहद दुखद है, परिवार जो निर्णय लेगा वही होगा।

बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 6 बजे प्रतीक यादव को घर से लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के मुताबिक उस समय उनकी पल्स और हार्ट दोनों काम नहीं कर रहे थे। वहीं उनकी पत्नी अपर्णा यादव असम में थीं और सूचना मिलते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। उनके आने के बाद प्रतीक का अंतिम संस्कार किया जाएगा।






