विकास गोंड
वाराणसी, 13 मई 2026:
वाराणसी में जगतपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में बुधवार को आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मधुमक्खियों ने अचानक हमला कर दिया। हमले से बचने के लिए कई लोगों ने इधर-उधर भाग कर अपनी जान बचाई। वहीँ, इस घटना में कई श्रद्धालु, संत और स्थानीय लोग घायल हो गए। इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चले गए।
जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय ‘गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा’ के तहत जगतपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे थे। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह का माहौल था। मंदिर परिसर को सजाया गया था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत समाज के लोग व स्थानीय लोग उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। कार्यक्रम स्थल पर जयघोष और धार्मिक नारों के बीच अविमुक्तेश्वरानंद का भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मधुमक्खियों का एक झुंड मंडराने लगा और लोगों पर हमला कर दिया। इससे कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ मच गई। कई श्रद्धालुओं को चेहरे, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर डंक लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले के बाद मंच के आसपास भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा में तैनात लोगों ने तुरंत अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हालात को देखते हुए उनका कार्यक्रम बीच में ही समाप्त कर दिया गया। घटना के बाद कुछ देर तक पूरे मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बना रहा।
स्थानीय लोगों ने घायलो को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। आयोजन समिति के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।






