विकास गोंड
वाराणसी, 17 अप्रैल 2026:
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में चौकाघाट क्षेत्र में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने शिरकत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी रही। इस दौरान स्मृति ईरानी ने महिलाओं से संवाद करते हुए केंद्र सरकार की योजनाओं और फैसलों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार महिलाओं को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीति में नई पहचान देगा और उनकी भागीदारी को आगे बढ़ाएगा। कुछ दल महिलाओं के मुद्दों पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दल लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पहले महिलाओं के हितों के खिलाफ रहे, अब वही सवाल उठा रहे हैं।

डीलिमिटेशन को लेकर उठ रहे सवालों पर भी उन्होंने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस पर गृह मंत्री अमित शाह संसद में स्थिति साफ कर चुके हैं, ऐसे में किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं है। उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संतुलन को लेकर उन्होंने काशी तमिल संगमम का जिक्र करते हुए कहा कि देश की एकता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लोकतंत्र के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को उनका हक और सम्मान मिलेगा। उनके मुताबिक लंबे समय तक महिलाओं को जो अधिकार नहीं मिले, अब उन्हें सुनिश्चित करने की दिशा में काम हो रहा है।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि ये दल गठजोड़ की राजनीति के जरिए लोगों को गुमराह कर रहे हैं। धर्म के आधार पर आरक्षण की बात उठाने को उन्होंने संविधान के खिलाफ बताया और कहा कि भीमराव अंबेडकर भी इसके पक्ष में नहीं थे। तुष्टिकरण की राजनीति के जरिए कुछ दल असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को फैसले लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देगा।






