योगेंद्र मलिक
देहरादून, 17 अप्रैल 2026:
सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार पांच साल का मास्टर प्लान जारी किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पुस्तिका का विमोचन किया। इसमें 2026 से 2031 तक के विकास कार्यों का खाका रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मास्टर प्लान राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। उनके मुताबिक इससे विकास की रफ्तार तेज होगी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य को तय लक्ष्यों के साथ आगे ले जाना सरकार की प्राथमिकता है, जिसमें साफ विजन के साथ काम किया जा रहा है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ा है। बीते कुछ सालों में सड़क निर्माण में तेजी आई है। सरकार अब विकास में नए तरीके अपना रही है ताकि आने वाले समय की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तेजी से पर्यटन हब के तौर पर उभर रहा है। ऐसे में पर्यटकों की जरूरत को देखते हुए सड़क, कनेक्टिविटी और अन्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने पर भी काम चल रहा है।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि विभाग तय योजना के साथ आगे बढ़ रहा है। कनेक्टिविटी बेहतर करने पर लगातार काम हो रहा है, जिससे विकास को गति मिल रही है।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि मास्टर प्लान में 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट शामिल किए गए हैं। इसमें रोड कनेक्टिविटी, आर्थिक क्षेत्रों तक पहुंच, पुल निर्माण, सड़क सुरक्षा, स्लोप प्रोटेक्शन, टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल मैनेजमेंट जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। जरूरत के हिसाब से इसमें आगे बदलाव भी किए जाएंगे।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख अभियंता राजेश चन्द्र शर्मा, मुख्य अभियंता रणजीत रावत, राजेन्द्र सयाना, अधीक्षण अभियंता मनोज बिष्ट, अरुण पाण्डेय, अधिशासी अभियंता बीएन द्विवेदी, राजेश कुमार, नीरज त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






