योगेंद्र मलिक
देहरादून/हैदराबाद, 30 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने हैदराबाद स्थित कान्हा शांति वनम में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
राज्यपाल ने ‘एक मानवता एक हृदय’ विषय पर बोलते हुए गुरु तेग बहादुर के जीवन और बलिदान को याद किया।
कार्यक्रम श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष, रामचंद्र बाबूजी महाराज और संत तुकडोजी महाराज की जयंती के मौके पर रखा गया था। राज्यपाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर का त्याग मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने प्राण देकर यह संदेश दिया कि सच्चा धर्म वही है जो दूसरों के अधिकार की रक्षा करे।

राज्यपाल ने कहा कि आज के समय में जब दुनिया कई तरह के तनाव और विभाजन से गुजर रही है, तब गुरु तेग बहादुर की शिक्षाएं ज्यादा प्रासंगिक हो जाती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ध्यान, आत्मचिंतन और सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में ध्यान न सिर्फ एकाग्रता बढ़ाता है बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र को भी मजबूत करता है।
कहा कि कान्हा शांति वनम आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन चुका है, जहां साधना और सेवा के जरिए एकता का संदेश दिया जा रहा है। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, कमलेश डी पटेल दाजी समेत कई संत व देश-विदेश से आए साधक मौजूद रहे।






