Uttarakhand

UCC के बाद दर्ज हलाला केस में कार्रवाई… पति समेत ससुरालियों पर 40 दिन में चार्जशीट दाखिल

बुग्गावाला थाने में एक महिला ने पति और ससुराल पक्ष के सदस्यों के खिलाफ चार अप्रैल को दर्ज कराया था मुकदमा, महिला का आरोप उस पर हलाला जैसी अमानवीय प्रथा थोपने की हुई कोशिश

योगेंद्र मलिक

हरिद्वार, 14 मई 2026:

उतराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद हलाला मामले में पहली बार पुलिस ने 40 दिन बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। साथ ही आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कही है।

बुग्गावाला थाने में एक महिला की शिकायत पर उसके पति और ससुराल पक्ष के सदस्यों के खिलाफ चार अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में गुरुवार को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता शाहीन ने पति मोहम्मद दानिश और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, दानिश ने शाहिन को लगातार प्रताड़ित किया और हलाला जैसी अमानवीय प्रथा थोपने की कोशिश की।

ये भी पढ़ें:

शिकायत में दानिश के पिता मोहम्मद अरशद, भाई परवेज, जावेद और बहन गुलशाना के नाम भी आरोपी के रूप में शामिल हैं। पुलिस ने जांच के बाद उपनिरीक्षक मनोज कुमार द्वारा तैयार आरोप पत्र (चार्ज शीट) को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रुड़की के कोर्ट में पेश किया। इस मामले में आरोपियों पर कई कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। इसमें मुख्य रूप से समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 (संशोधन 2026) की धारा 32 (1) (ii) व 32 (1) (iii) के तहत कार्रवाई की गई, जो हलाला जैसी प्रथाओं को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित और दंडनीय बनाती हैं। इसके अलावा BNS व मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, तीन तलाक से संबंधित) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 व 4 लागू की गईं।

पुलिस के अनुसार, शाहीन का विवाह दानिश से हुआ था, लेकिन शादी के बाद दानिश ने उसे तलाक दे दिया। इसके बाद हलाला के जरिए दोबारा रिश्ता जोड़ने का दबाव बनाया। इससे नाराज शाहीन ने दहेज की मांग, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।

READ MORE 

ये भी पढ़ें  नए साल पर ताजमहल का अनुभव: यात्रा की तैयारी के साथ बनाएं अपनी यात्रा को और भी खास

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link